पगमार्क देख कर वन विभाग के अफसरों ने लगाया अनुमान
निगरानी कर रही हैं वन विभाग की कई टीमें
दुधवा से निकलकर डुंडेला जंगल पहुंचा गैंडा अब दुधवा की ओर लौट रहा है। गैंडे के पगमार्क देखकर ऐसे संकेत मिले हैं। 31 मई के बाद गैंडे के पगमार्क आगे बढ़ने के बजाय वापसी की ओर जाते दिखाई दिए। इससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है। एक जून को गैंडे की लोकेशन उत्तर खीरी वन प्रभाग के लौकी जंगल में ट्रेस की गई है। फिलहाल वन विभाग की टीमें लगातार गैंडे की निगरानी में लगी हुई हैं।
वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक विगत 25 मई को गैंडा उत्तर खीरी वन प्रभाग के दक्षिण निघासन रेंज की लालबोझी बीट में देखा गया। 26 और 27 मई को यह गैँडा उसी क्षेत्र में दिखा, इसके बाद उत्तर पूरब दिशा में बढ़ता हुआ मेंहदी बड़ागांव के निकट डुंडेला जंगल आ पहुंचा। गैंडा यहां गुटेल और अर्जुन के पेड़ों बीच वेटलैंड में दो दिन रहा। चार किलोमीटर क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद वह इसी जगह को अपना ठिकाना बनाए रहा।
वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि 31 मई की रात गैंडा उत्तर पूर्व दिशा में बढ़ने की बजाय उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ा और सुखिया नाला पार कर उत्तर खीरी वन प्रभाग में पहुंच गया। मौजूदा समय में इस गैंडे के पगचिह्न पौधरोपण रेंज के लौकी जंगल में मिले हैं। गैंडे के उत्तर खीरी वन प्रभाग की ओर बढ़ने के साथ ही दक्षिण निघासन रेंज के वनकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। गैंडे की लगातार निगरानी की जा रही है।
दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक महावीर कौजलगि का कहना है कि गैंडा कर्तनिया घाट के रास्ते नेपाल से यह यहां आया है। गैंडे की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।