प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौपते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : बालूपुरवा गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप पर पसरा सन्नाटा।
धौरहरा। सुजईकुंडा सहित करीब 30 गांवों को जोड़ने वाले पुल का निर्माण अधर में लटकने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मंगलवार को सुजईकुंड़ा, पंडित पुरवा, बिंजहा, भटपुरवा, धारीदासपुरवा समेत करीब 30 गांवों के लोग भाजपा नेता कन्हैया वाजपेयी के नेतृत्व में तहसील पहुंचे। ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना था कि करीब तीन दशक से पुल निर्माण की मांग की जा रही है। शासन से स्वीकृति मिलने और विधायक की तरफ से शिलान्यास किए जाने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन कुछ दिन बाद दलदल का हवाला देकर काम बंद कर दिया गया।
प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम शशिकांत मणि को दिया। ग्रामीणों ने जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। उनका कहना था कि बरसात में पुल न होने से आवागमन बाधित हो जाता है और हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। एसडीएम ने ज्ञापन शासन तक भेजने का भरोसा दिया।
n अब वेल फाउंडेशन तकनीक से होगा निर्माण ः लखीमपुर खीरी। धौरहरा क्षेत्र के सुजईकुंडा में प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य में तकनीकी बदलाव किया गया है। पहले पुल का निर्माण ओपन फाउंडेशन तकनीक से होना था, लेकिन खोदाई के दौरान जमीन दलदली और कमजोर मिलने पर काम रोक दिया गया। अब पीडब्ल्यूडी ने वेल फाउंडेशन तकनीक से पुल बनाने का फैसला लिया है। अधिकारियों के अनुसार, दलदली जमीन में वेल फाउंडेशन तकनीक अधिक सुरक्षित और मजबूत मानी जाती है। इससे पुल की मजबूती बढ़ेगी और भविष्य में संरचनात्मक समस्या की आशंका कम होगी। विभाग ने नई डिजाइन और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संवाद