शनिवार को घरेलू विवाद में कुल्हाड़ी से कर दी गई थी अरुंदति की हत्या
ममरी। बेलवा गांव में शनिवार को विवाहिता की हत्या के मामले में पति की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के सास-ससुर और देवर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। तीनों आरोपी अभी भागे हुए हैं।
शनिवार शाम को अपने साले सुनील वर्मा के साथ थाने पहुंचे नरेंद्र वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि शनिवार सुबह जब वह टहलने के बाद घर पहुंचे तो घरवालों का पत्नी अरुंदति उर्फ रुचि (30) से किसी घरेलू मसले पर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने के बाद पिता रामकृष्ण वर्मा ने रुचि के गले पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भाई शिशिर वर्मा ने भी रुचि पर बांके से हमला किया था। नरेंद्र का आरोप है कि इस दौरान रुचि को उनकी मां माया देवी ने ही पकड़ रखा था। नरेंद्र की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पत्नी के अंतिम संस्कार के बाद नरेंद्र ने थाने पहुंचकर मां माया देवी, पिता रामकृष्ण वर्मा और भाई शिशिर वर्मा के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि मृतका के पति नरेंद्र वर्मा की तहरीर पर तीनों आरोपियों पिता रामकृष्ण वर्मा, मां माया देवी और भाई शिशिर वर्मा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीनों आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पत्नी की हत्या के लिए कुछ पड़ोसी भी जिम्मेदार
लखीमपुर खीरी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम मंत्रालय भारत सरकार व राज्य सरकार के सलाहकार के तौर पर कार्यरत नरेंद्र वर्मा ने बताया कि उनके लिए अब चिंता यह है कि वह समाज में अपना मुंह कैसे दिखाएं। यह कैसे कहें कि संपत्ति विवाद को लेकर उनके अपने माता-पिता ने ही उनकी पत्नी की हत्या कर दी।
टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान, मुंबई से पढ़ाई पूरी करने के बाद विभिन्न मंत्रालयों में सलाहकार की सेवा देने वाले नरेंद्र वर्मा का कहना है कि वह 24 मार्च से घर पर हैं। हत्या वाले दिन वह सुबह टहलने गए थे। जब घर पहुंचे को विवाद चल रहा था।
उन्होंने पत्नी की हत्या के पीछे कुछ पड़ोसियों को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि घर पर हो रहे झगड़े की सूचना पड़ोसी और उनकी पत्नी ने पिताजी को फोन करके दी थी। इसके बाद पिताजी, जो कि सुबह ही चीनी मिल में ड्यूटी के लिए निकल चुके थे, वापस घर लौट आए और गुस्से में कुल्हाड़ी से रुचि की हत्या कर दी। नरेंद्र वर्मा के मुताबिक, इस घटना से उनके पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन को गहरी क्षति पहुंची है।