उल्लेखनीय है कि थारू जनजाति विकास की मुख्य धारा से अब भी दूर हैं। जनपद लखीमपुर खीरी में नेपाल की सीमा से सटे दुधवा के जंगलों में 37 थारू आदिवासियों की ग्रामसभाएं हैं। डीएम किंजल सिंह ने जिले में अपनी तैनाती के साथ थारूओं के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास के लिए प्रयास शुरू किए। ग्राम सभावार स्वयं सहायता समूह बनवाए तथा उनके हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया।
थारू महिलाओं के हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग के माध्यम से निर्मित उत्पादों की बिक्री और थारू संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए गोवा में आयोजित लोकोत्सव 2016 में पहली बार प्रतिभाग कराया। थारू बालिकाओं को आत्म सुरक्षा के लिए जूडो कराटे और 1090 पावर वूमेन लाइन का भी प्रशिक्षण दिया गया। ब्यूरो आफ पार्लियामेंटी स्टडीज के अध्ययन कार्यक्रम में थारू छात्राओं ने प्रतिभाग किया तथा संसद का भ्रमण किया।
इसके अलावा थारू : दि राइजिंग कार्यक्रम के माध्यम से थारू गांवों में आठ दिवसीय कैंप लगाकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, समाज कल्याण एवं खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं को क्रियान्वित किया।
थारू आदिवासी जनजाति के विकास के क्षेत्र में किए गए सकारात्मक एवं नव अन्वेषी प्रयासों को अनुमोदित करते हुए गणतंत्र दिवस समारोह में प्रतिभाग करने के लिए पहली बार किसी जिले को शासन ने अवसर प्रदान किया। थारू जनजाति के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने थारू छात्राओं को पार्टी कार्यालय बुलाकर आशीर्वाद दिया तथा द राइजिंग थारू का गुब्बारा उड़ाकर थारू छात्राओं को आसमान की ऊंचाई छू लेने का आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर थारू लोक गायक रामसमुझ ने थारू लोकगीत प्रस्तुत किया। थारू जनजाति के विकास एवं संस्कृति को वैश्विक पटल पर संरक्षित करने और पहचान दिलाने के लिए थारू वेबसाइट का लोकार्पण भी किया गया। इस मौके पर बीएसए डॉ. ओपी राय, डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी, एसडीएम विनोद कुमार, ज्वांइट मजिस्ट्रेट अंकित अग्रवाल, अजय पांडेय, राजीव कुमार, सुनील झा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।