निघासन। शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित बहतिया क्षेत्र में राहत की उम्मीद जगी है। पिछले साल बाढ़ से कटे बहतिया नाले के बांध का निर्माण कार्य अब ग्राम निधि और मनरेगा के माध्यम से शुरू कर दिया गया है।
ग्राम प्रधानों की सक्रिय पहल और खंड विकास अधिकारी की तत्परता से शुरू हुए इस कार्य के पूर्ण हो जाने पर क्षेत्र की दर्जनों ग्राम पंचायतों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
लुधौरी-रानीगंज मार्ग पर घाघी नाले से होते हुए शारदा नदी का पानी लालपुर, बरोठा, मूड़ाबुजुर्ग, मिर्जागंज, रकेहटी, खरवहिया, गौरिया सहित करीब दो दर्जन गांवों और निघासन नगर पंचायत की बीस प्रतिशत आबादी को प्रभावित करता है।
इससे धान और गन्ने की फसलों को हर साल भारी नुकसान होता है। ग्राम प्रधान उर्मिला देवी ने बहतिया नाले के कटे बांध को बंद कराने का प्रस्ताव ब्लॉक मुख्यालय भेजा। स्वीकृति मिलने के बाद तकनीकी सर्वे कराया गया। ग्रामीणों की मांग को देखते हुए शुक्रवार से निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
बैलहा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सद्दाम हुसैन ने बताया कि बांध बनने से उनके गांव की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। पानी अब सीधे नाले के रास्ते नदी में वापस जा सकेगा। वहीं बरोठा प्रधानपति चंद्रहास भार्गव ने बताया कि यह बांध बहुत जरूरी था और इसके बनने से बाढ़ से राहत मिलेगी।
खंड विकास अधिकारी जयेश कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्य ग्रामनिधि और मनरेगा के तहत कराया जा रहा है। यह न केवल बाढ़ से राहत देगा, बल्कि फसलों को भी काफी हद तक बचाएगा।
लालपुर में कटे तटबंध का जायजा लेते बीडीओ जयेश कुमार सिंह।संवाद