गौरीफंटा/धनगढ़ी (नेपाल)। भारत सहित अन्य देशों से आयात होने वाले सामान पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का लेबल लगाने की अनिवार्यता में नेपाल सरकार ने तीन महीने की अस्थायी छूट दे दी है। सरकार के इस फैसले से व्यापारियों ने राहत महसूस की है।
निर्णय के बाद कैलाली और कंचनपुर भंसार (कस्टम) सहित देश भर की सीमाओं पर कई दिनों से खड़े मालवाहक वाहनों का क्लीयरेंस फिर से पूर्व की तरह शुरू हो गया है। धनगढ़ी कैलाली भंसार कार्यालय के भंसार अधिकृत एवं सूचना अधिकारी प्रकाश तिमिलसिना ने बताया कि विदेश से आने वाले सामान पर एमआरपी लेबल अनिवार्य किए जाने के फैसले का व्यापारियों ने विरोध किया था। इस गतिरोध के चलते कस्टम पर बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन फंस गए थे।
स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने फिलहाल अपने निर्णय को तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया है। अब व्यापारियों को यह सुविधा दी गई है कि वे भंसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपने गोदामों में एमआरपी लेबल लगाकर माल को बाजार में बिक्री के लिए भेज सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि वाणिज्य, आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पहले आदेश जारी कर 13 अप्रैल के बाद आयात होने वाले सामान पर एमआरपी लेबल अनिवार्य किया था। 28 अप्रैल से इस नियम को सख्ती से लागू किए जाने के कारण आयात प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी।