ढ़ाका गांव के खेत में पड़ा बारासिंगा हिरन का शव। स्त्रोत- ग्रामीण।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज जंगल की जटपुरा बीट के बरौंछा नाला से रविवार दोपहर रास्ता भटककर बारहसिंगा ढ़ाका गांव में धान के खेत में पहुंच गया। यह देख गांव के दर्जनों आवारा कुत्तों ने उसे घेरकर हमला कर दिया। उसके दोनों पैर और गर्दन को नोचकर बुरी तरह जख्मी कर दिया। कुत्तों के चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शोरगुल मचाकर किसी तरह वहां से खदेड़ा, लेकिन उसकी मौत हो गई। लोगों की सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर राजाराम तिवारी, हरेंद्र सिंह शव को वन चौकी ले गए। रेंजर मैलानी साजिद हसन ने बताया कि बारहसिंगा के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
जटपुरा बीट जंगल से गुजरा बरौंछा नाला बाघों और बारहसिंगा का पसंदीदा प्राकृतवास है। यह शेड्यूल वन का प्राणी है। यहां की दलदली और नम भूमि में चारों ओर उगी लंबी झाड़ियों में सैकड़ों की संख्या में बारहसिंगा कुलाचे भरते नजर आते हैं। बाघों का पसंदीदा भोजन होने से पूरे साल यहां उनका बसेरा रहता है। इनके शिकार के लालच में जंगल से निकलकर यहां पहुंचने वाले बाघों की दहाड़ ग्रामीणों को सुनाई देती रहती है।