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Lakhimpur Kheri News: सरकार घर की व्यवस्था करवा दे तो दोबारा शुरू हो जिंदगी

Sun, 07 Sep 2025 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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विधायक पटेल शशांक वर्मा ने ग्रंट नंबर 12 में कटान का लिया जायजा।संवाद
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निघासन। ग्रंट नंबर 12 गांव के हालात दिन-प्रतिदिन दयनीय होते जा रहे हैं। पूरे गांव के लिए शारदा नदी काल बन गई है। करीब तीन दर्जन से अधिक आशियाने नदी के बहाव में समा चुके हैं। कई हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ गई। गांव के लोग त्राहिमाम कर रहे हैं।
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कटान पीड़ितों के अलावा ग्रामीणों ने उजड़ते गांव को बचाने की आखिरी उम्मीद अब सरकार से लगा रखी है। शारदा नदी ने सुमन देवी, राजकुमारी, राम सिंह, संतोष कुमार, कमलू, विजय, वंदना देवी, कामता प्रसाद, बलराम, हरिशचंद, मस्तराम, शिवम, उषा, सियापति, किरण, सुनीता समेत दर्जनों परिवारों के आशियाने नदी ने निगल लिए हैं। अब यह परिवार सड़कों पर जीवन गुजार रहे हैं।

इधर, प्रशासन ने लंच पैकेट का वितरण करने के अलावा कटान संबंधी कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष है। पीड़ित वृद्ध महिला तेजाना ने बताया कि बिसुवा भर जमीन नहीं है। घर था, वो भी कटान में बह गया। कोई कमाने वाला न होने से छोटे-छोटे पोती और पोतों को लेकर दूसरे के यहां गुजर कर रहे हैं। सरकार से आखिरी उम्मीद बची है। गांव की पूजा देवी ने बताया कि घर कट गया है। सरकार से मांग है कि जमीन मिल जाए तो दोबारा जिंदगी की शुरुआत हो सके।
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सावित्री देवी ने बताया कि आधा घर कटकर शारदा में चला गया। आधा खड़ा है। हाल यह है कि बच्चों को लेकर दूसरे के घर में गुजर कर रहे हैं। सरकार से मकान भर की जमीन मिल जाए तो अच्छा रहेगा।
रामप्यारी ने बताया कि जितनी कृषि योग्य जमीन थी, उसे शारदा ने निगल लिया। घर भी कटान में जा चुका है। बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रहे हैं। खुले आसमान के नीचे डेरा डालकर गुजर कर रहे हैं। सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।
दो घर और नदी में समाए
ग्रंट नंबर 12 गांव में जहां जलस्तर घटने के बाद थोड़ी राहत मिली है, तो वहीं नदी कटान उतनी ही तेजी से रही है। रविवार को शिवप्रसाद और सोमेंद्र के पक्के घर नदी की धारा में बह गए। सुमित्रा देवी का पक्का मकान अधर में लटका है। आधा हिस्सा नदी में जाने के बाद आधा लटका हुआ है। तेज कटान की वजह से पूरे गांव में हाहाकार मचा हुआ है। हालांकि प्रशासन ने कटान को रोकने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

पहली बार पहुंचा कोई जनप्रतिनिधि, देखते ही जगी उम्मीद

क्षेत्रीय विधायक पटेल शशांक वर्मा पहले जनप्रतिनिधि हैं, जो कटान के दौरान ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचे। पिछले वर्ष से अब तक कोई भी जनप्रतिनिधि ने ग्रंट- 12 की तरफ रुख नहीं किया। रविवार को विधायक शशांक वर्मा ने बाढ़ कटान से ग्रस्त ग्रंट नंबर 12 का भ्रमण कर राहत किट और लंच पैकेट वितरित किए। ग्रामीणों से वार्ता कर उनका हाल जाना। ग्रामीणों ने विधायक से अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि हमें रहने के लिए जगह और घर चाहिए। इस पर विधायक शशांक वर्मा ने आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही डीएम से बैठक कर कटान मामले में चर्चा की जाएगी। सभी कटान पीड़ितों का हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
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