इंदिरा आवास योजना के तहत लाभार्र्थियों को दूसरी किस्त जारी कराने के लिए बीडीओ फर्जी फोटो लगाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामले में बिजुआ और मितौली के कई फोटो फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में दोनों ब्लाकों के बीडीओ का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पीडी डॉ. दिनेश सिंह ने बीडीओ के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि और दो सेक्रेटरियों (सचिव) के खिलाफ निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट सीडीओ को भेजी है।
जिले में इंदिरा आवास योजना के 20,532 लाभार्र्थियोें की दूसरी किस्त जारी की जा रही है। वित्त वर्ष समाप्ति के कुछ दिन शेष हैं, लेकिन 10,950 लाभार्र्थियों को दूसरी किस्त जारी हो सकी है। 2455 प्रस्ताव कार्र्यालय पहुंचे हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। करीब 7125 लाभार्र्थियों के प्रस्ताव आने शेष हैं। पिछली बैठकों में डीएम के दबाव पर सभी ब्लाकों के बीडीओ ने 20 मार्र्च तक समस्त प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन बीडीओ अपने वादे पर खरे नहीं उतर सके हैं। हालांकि आवास की द्वितीय किस्त की मांग शत-प्रतिशत पूर्ण करने की होड़ लगी है। जांच के दौरान मितौली और बिजुआ ब्लाक के कई प्रस्तावों में फर्जी फोटो पकड़े गए हैं। बिजुआ की ग्राम पंचायत बांसी के लाभार्र्थियों को एक ही छत स्तर तक बने आवास के सामने खड़ा करके फोटो खिंचवाए गए हैं। मितौली ब्लाक की ग्राम पंचायत जगना और मितौली के लाभार्र्थियों की फोटो कंप्यूटर ग्राफिक की मदद से तैयार कराई गई हैं। इससे अन्य ब्लाकों में ऐसे फर्र्जीवाड़े की आशंका गहरा गई है। पीडी डॉ. दिनेश सिंह ने अन्य ब्लाकाें के प्रस्तावों पर कड़ी नजर रखने के साथ जांच करने के निर्देश दिए हैं।
पीडी, डीआरडीए डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि सभी बीडीओ को रिमाइंडर जारी कर 25 मार्च तक दूसरी किस्त के शत-प्रतिशत प्रस्ताव मांगे गए हैं। मितौली और बिजुआ ब्लाक के बीडीओ के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि और बांसी, मितौली और जगना ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है।