धौरहरा में धू-धू कर जलता बुराई का प्रतीक रावण । संवाद
धौरहरा। धौरहरा कस्बे और रामनगर बगहा गांव में चल रहे श्रीराम लीला दशहरा मेले में आमंत्रित कलाकारों ने कुंभकर्ण, मेघनाथ और लंकापति रावण के वध की लीला का मंचन किया।
कलाकारों ने दिखाया की हनुमान जी ने किस तरह सोने की लंका को जला दिया। लक्ष्मण ने मेघनाथ और भगवान श्रीराम ने कुंभकर्ण वध के बाद भंयकर युद्ध में लंकेश रावण पर इकत्तीस बाण छोड़ उसकी नाभि का अमृत सुखा दिया। इसके बाद दस सिर और बीस भुजाओं को काटकर उसका वध कर दिया।
इस तरह अच्छाई की जीत हुई और बुराई का प्रतीक रावण धू-धू कर जला। चारों ओर जय श्रीराम के नारे गूंज उठे। इस मौके पर विधायक धौरहरा विनोद शंकर अवस्थी, मेला प्रबंधक रमाशंकर शुक्ला, नंदकिशोर जायसवाल, चेयरमैन नफीस खां, सुदीप निगम, आनंद शुक्ला एवं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार मिश्रा मय फोर्स मौजूद रहे।