दुधवा में गूलर के पेड़ पर बैठा दुर्लभ घोघिंल प्रजाति के परिंदों का कुनबा। स्त्रोत- वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में दुर्लभ प्रजाति के घोंघिल (ओपन बिल स्टाॅर्क) प्रजाति का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में एफडी और डीडी दुधवा के भ्रमण के दौरान दक्षिण सोनारीपुर रेंज की एक वेटलैंड के किनारे स्थित गूलर के पेड़ पर 200 से अधिक यह पक्षी दिखाई दिए हैं। पूरा पेड़ इनके घोंसलों से भरा नजर आया।
ओपन बिल स्टाॅर्क को खुली चोंच वाला सारस और स्थानीय भाषा में घोंघिल, गुंग्ला और घुंगिल के नाम से भी जाना जाता है। इन पक्षियों की यह प्रजाति तेजी से विलुप्त हो रही है। दुधवा में इनकी आबादी बढ़ने से पक्षी प्रेमियों में खुशी है। इस प्रजाति के एक साथ इतनी अधिक संख्या में पक्षी और घोंसले पाए जाने से वन विभाग इसे दुधवा की जैव विविधता और समृद्धि मान रहा है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि जब वह और दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक जगदीश आर जंगल भ्रमण पर थे उन्हें दक्षिण सोनारीपुर रेंज के बांकेताल के किनारे गूलर के पेड़ पर 200 से अधिक ओपन बिल स्टाॅर्क पक्षी और उनके घोंसले दिखाई दिए। यह परिंदे सैकड़ों की संख्या में पेड़ पर कलरव कर रहे थे।
दुधवा में अरसे बाद इतनी बड़ी संख्या में ओपन बिल स्टाॅर्क प्रजाति के पक्षी दिखाई दिए हैं। यह थलचर और जलचर पक्षी है। ये अधिकतर वेटलैंड या उसके किनारे पाए जाते हैं। इनका आहार मछलियां, मेंढक और जलीय कीड़े-मकोड़े हैं। यह जलाशयों को स्वच्छ रखने में भी मदद करते हैं। इससे जलाशयों की पारिस्थितिकी के लिए इनका अलग महत्व है। इनके संरक्षण और संवर्धन के प्रयास और तेज किए जाएंगे।