मजार पर इबादत के लिए गई बालिका को अगवा कर उससे जोर जबरदस्ती करने का मामला
एडीजे रामलाल ने आरोपी इश्तिखार को सात साल कारावास की सुनाई सजा, जुर्माना डाला
लखीमपुर खीरी। बालिका को अगवा कर उससे जोर जबरदस्ती करने के नौ साल पुराने मामले में उसी मजहब के आरोपी को अदालत ने दोष सिद्ध पाया है। एडीजे रामलाल की अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को छेड़खानी करने के मामले में दंडित किया है। आरोपी इश्तिखार उर्फ इफ्तिखार को सात वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार जुर्माना की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक बृजेश पांडे ने अदालत में अभियोजन पक्ष रखते हुए बताया कि 24 और 25 जून 2013 की रात मोहम्मदी थाना क्षेत्र में रहने वाली बालिका रात को इबादत करने जा रही थी। तभी मोहम्मदी कस्बे के मोहल्ला शुक्लापुर निवासी इश्तिखार उर्फ इफ्तिखार पीड़िता को उठा ले गया। कस्बे के ही मोहम्मद शमीम के प्लाट में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद कई स्थानों पर अपने साथ बंधक रखा।
अदालती सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बताया कि धनबल के चलते उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। कोतवाली में लिखित शिकायत देने पर भी कोतवाल ने मस्जिद के पेश इमाम को मामला निपटाने के लिए भेज दिया। पीड़िता ने 29 मई को एसपी खीरी के समक्ष पेश होकर पूरा मामला बताया, तब बमुश्किल पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज हो सकी थी।
अदालती सुनवाई के दौरान भी पीड़िता ने बलात्कार और जोर जबरदस्ती करने की बात कही, लेकिन बचाव पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट की दलील देते हुए पूरे मामले पर सवाल उठाए थे। अदालत में पेश हुई डॉक्टर पुष्पलता और डॉ. वीके वर्मा के बयानों को रेखांकित करते हुए आरोपी इफ्तिखार को अदालत ने लज्जा भंग के प्रयास के मामले में दोषसिद्ध किया है। एडीजे रामलाल ने आदेश दिया कि इस मामले में वसूल होने वाली जुर्माने की रकम पीड़िता को दी जाएगी। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को पीड़िता को धनराशि उपलब्ध कराने को निर्देशित किया गया है।