मंडी सचिव के कार्यालय के सामने नकली सरकारी बोरों में हो रही थी पैंकिंग
मंडी में काफी समय से चल रहा था गोरखधंधा
राजापुर मंडी में आढ़तियों की फड़ पर खाद्य एवं रसद विभाग के छापे वाले बोरों में गेहूं की पैकिंग हो रही थी। डिप्टी आरएमओ कौशल देव और मंडी सचिव राजेश यादव ने छापा मारकर चार फड़ों से ऐसे 1214 बोरे गेहूं बरामद कर सीज किया। पकड़े गए माल पर किसी व्यापारी ने दावेदारी नहीं की। ऐसा माना जा रहा है कि इसे सरकारी क्रय केंद्रों पर खपाने की तैयारी थी। खास यह कि मंडी सचिव के कार्यालय के सामने भी यह पैकिंग हो रही थी।
एसडीएम सदर आलोक वर्मा ने बताया कि गुरुवार को सूचना मिली कि राजापुर मंडी में कुछ आढ़तिए सरकारी छापा वाले बोरों में गेहूं की पैकिंग करा रहे हैं। मौके पर जांच के लिए नायब तहसीलदार को भेजा गया, जहां करीब दो हजार सरकारी छापे वाले बोरों में गेहूं भरे जाने की रिपोर्ट मिली। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर मंडी पहुंचे डिप्टी आरएमओ ने कई चबूतरों पर सरकारी छापा वाले सैकड़ों बोरों में गेहूं भरा पाया, लेकिन किसी एजेंसी या क्रय केंद्र का मार्का/कोड नहीं मिला है। न ही किसी व्यापारी ने मौके पर अपना माल होना स्वीकार किया। लिहाजा डिप्टी आरएमओ ने मौके पर मिले 1214 बोरों को सीज कर दिया और जब्त गेहूं के बोरों को मंडी की ही एक फर्म की सुपुर्दगी में दिया गया है। चबूतरा नंबर तीन पर 167 बोरे गेहूं बरामद किया गया। जबकि दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के सामने फड़ पर 290 बोरे सीज किए गए। इसके अलावा 757 बोरा चबूतरा नंबर तीन और चार के बीच रास्ते पर मिला है।
बरामद बोरों पर खाद्य एवं रसद विभाग का छापा मिला है, लेकिन किसी एजेंसी या क्रय केंद्र का मार्का और कोड नहीं मिला है। इससे प्रतीत होता है कि बोरे दूसरे जिले से मंगाए गए हैं, जिन्हें सरकारी क्रय केंद्रों पर खपाने की तैयारी थी। शुक्रवार तक जांच कर मामले से पर्दा उठ सकेगा, क्योंकि अभी तक किसी व्यापारी ने बरामद गेहूं पर अपना दावा पेश नहीं किया है।
कौशल देव, डिप्टी आरएमओ