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बारिश से खेतों में कटी पड़ी सरसों में भरा पानी,फफूंद का खतरा

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सरसों के खेत में भरा पानी।
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बेमौसम बारिश के साथ चली तेज हवा से गेहूं की फसल गिरी
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बांकेगंज। बेमौसम बारिश के साथ चली तेज हवा से जहां गेहूं की फसल गिर गई है, वहीं खेतों में कटी पड़ी सरसों फसल में पानी भर गया है, जिससे फसल में फफूंद भी लग सकता है। इसके अलावा इस समय चल रही आलू की खोदाई भी प्रभावित हुई है, जिससे किसान चिंतित हैं।
शनिवार दिन भर और रविवार सुबह तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेहूं, आलू और सरसों की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका है। गेहूं की फसल में बाली आ रही हैं। फसल में किसानों ने हाल ही में सिंचाई भी की थी, जिन खेतों में किसानों ने सिंचाईं की थी, उनकी गेहूं की फसल बारिश के साथ हवा में खेतों में गिर गई है।
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एडीओ एजी अनिल कुमार ने बताया कि जिन खेतों में गेहूं की फसल में बाली आ गई हैं और फसल गिर गई है, उसमें दाना भी प्रभावित होगा। इसके अलावा जिन खेतों में सरसों कटी पड़ी है और बारिश का पानी भर गया है, उसमें फफूंद भी लग सकती है। किसानों को चाहिए कि धूप निकलने पर खेतों में भरे बारिश के पानी के निकास का इंतजाम करें।
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उधर, क्षेत्रीय किसानों प्रेम सिंह, संजय भार्गव, सुशील भार्गव, विपिन शर्मा आदि का कहना है कि छुट्टा मवेशी सरसों की फसल को नहीं खाते हैं। यही वजह है कि किसानों का रुझान सरसों की फसल की ओर ज्यादा रहा। नतीजतन पूरे इलाके में शुरूआत में सरसों की फसल खूब लहलहाई। वहीं जनवरी में कई बार हुई बेमौसम बारिश के चलते सरसों का दाना कमजोर हो गया। हालांकि किसानों को सरसों की मूल्य दर अच्छी मिलने की उम्मीद है, लेकिन मौसम की बेरुखी से उत्पादन दर आधी रहने से किसान निराश है।
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