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पांच साल से पत्रावली गायब

Sat, 28 Mar 2015 07:02 PM IST
लखीमपुर खीरी
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कृषि विभाग से करीब पांच साल पहले गायब हुई एक पत्रावली का मामला अब तूल पकड़ गया है। फरधान थाने में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना के संबंध में पुलिस ने मूल अभिलेख मांगे है, जिससे विभागीय अधिकारियों में अफरातफरी है। जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने डीजीसी (जिला शासकीय अधिवक्ता) की सलाह लेकर मामले की जानकारी सीडीओ और डीएम को दी। इसके बाद सीडीओ नितीश कुमार की संस्तुति पर डीएम किंजल सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए उप कृषि निदेशक डॉ. शिवकुमार केसरी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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बता दें कि 29 मई 2009 को तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी राममिलन ने फरधान थाना क्षेत्र के गांव गौरिया स्थित आरएस केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर फैक्ट्री में छापा मारकर कई उर्र्वरकों के तीन नमूने लिए थे। जांच में नमूने फेल होने की लैब रिपोर्ट आने पर जिला कृषि अधिकारी ने 13 अक्तूबर 2010 को फैक्ट्री के प्रोपाइटर रमेश वर्र्मा के खिलाफ फरधान थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 में मुकदमा दर्ज कराया था। सूत्रों की माने तो मुकदमा दर्ज होने के कुछ समय बाद ही मूल पत्रावली को गायब करा दी गई ताकि मुकदमे में आरोपी को राहत मिल सके। इसकी पुख्ता वजह यह भी है कि 2010 में तत्कालीन उपकृषि निदेशक अनिल सागर ने तबादला होकर सीतापुर गए जिला कृषि अधिकारी राममिलन से पत्रावली मांगते हुए पत्राचार भी किया था, जिसके लिए उन्होंने सीतापुर के उप कृषि निदेशक को प्रकरण से अवगत कराया था। हालांकि यह कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रहीं क्योंकि पुलिस की जांच भी सुस्त थी।
एएसपी ने मांगे अभिलेख
कई सालों से विभाग में दफन इस राज से पर्र्दा तब उठा, जब एएसपी ने संबंधित मुकदमे के निस्तारण के लिए अभिलेख तलब किए। इसके बाद जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने मामले की जानकारी सीडीओ और डीएम को दी।
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पटल बाबू निशाने पर
डीजीसी की राय के बाद पत्रावली के कस्टोडियन की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए डीएम के आदेश पर उप कृषि निदेशक को जांच अधिकारी नामित किया गया हैै, जो तय अवधि में जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम सौंपेंगे।
जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि एक मुकदमे की विवेचना में फरधान पुलिस ने अभिलेख मांगे हैं। काफी खोजबीन के बाद मूल पत्रावली नहीं मिली है, जिसके संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। डीएम के निर्देश पर जांच कराई जा रही है।
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