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प्रापर्टी डीलर्स ने सर्किल रेट न बढ़ाने की मांग उठाई

Sat, 22 Jul 2017 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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pradarshan - फोटो : amar ujala
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लखीमपुर प्रापर्टी डीलर्स एसोसिएशन ने एक अगस्त से जारी होने वाली नई मूल्यांकन सूची में सर्किल रेट न बढ़ाए जाने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। कहा कि नोटबंदी के बाद संपत्तियों का क्रय विक्रय ऋणात्मक हो गया है। इससे राजस्व प्रभावित हुआ है। इसके लिए जरूरी हो गया है कि संपत्तियों की मौजूदा निर्धारित दरों में कमी की जाए। 
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कहा कि पिछले तीन वर्षों में संपत्तियों के प्रचलित बाजार मूल्य स्थिर हो गए हैं और दर सूची में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। इससे वास्तविक विक्रय मूल्य और संपत्तियों के निर्धारित मूल्य से आवंटित मालियत में काफी अंतर हो जाता है। इससे क्रेता के अंतर मूल्यांकन के अनुसार आयकर अधिनियम के प्रावधान लागू हो जाते हैं। अंतर मूल्य क्रेता की आय मानकर निर्धारित होता है। इसके कारण जनता स्वाभाविक प्रकार से क्रय विक्रय नहीं कर पाती। 
लखीमपुर नगर पालिका सीमा के बाहर पिछले तीन वर्षों से विकास की गति अत्यंत धीमी हो गई है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आकर शहर के आसपास अपना घर बनाने वाले लोगों द्वारा भूखंडों की खरीद लिखा पढ़ी की महंगाई के कारण संभव नहीं हो पा रहा है। उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती राज्य दिल्ली में नोटबंदी के बाद मौद्रिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए संपत्तियों का मूल्यांकन कम कर दिया गया था। इससे राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई। 
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ज्ञापन देने वाले लोगों में उमेश शुक्ला, चंद्र प्रकाश, राजीव गुप्ता, सतीश अरोरा, प्रभात, अर्जुन लाल तिवारी, आरके शुक्ला, अफसर हुसैन, प्रमोद कुमार आदि शामिल रहे। 

भूमि की मालियत न बढ़ाने की मांग     
गोला गोकर्णनाथ। तहसील क्षेत्र में वकीलों ने जमीन की लगातार बढ़ रही मालियत पर रोक लगाने की मांग को लेकर जनहित में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।      
वकीलों ने तहसील में डीएम को संबोधित एसडीएम योगानंद पांडे को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि तहसील क्षेत्र अंतर्गत आवासीय, गैर आवासीय, कृषि भूमि की मालियत में प्रतिवर्ष बढ़ोत्तरी हो रही है, जिससे भूमि की मालियत अधिक होने से लोगों को बैनामा कराने में काफी परेशानी हो रही है। वकीलों का कहना है कि लोग भूमि खरीद तो लेते हैं लेकिन लिखाई अधिक होने से बैनामे का निष्पादन नहीं करा पाते जिससे सरकार के राजस्व की हानि हो रही है। वकीलों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2017 में भूमि की मालियत में वृद्धि न किए जाने की मांग की है। इस मौके पर बृजेश तिवारी, अरुण दीक्षित, सुुभाष वर्मा, जितेंद्र कुमार वर्मा, राकेश त्रिपाठी, मनीष भारती, राहुुल शुक्ल, सत्यप्रकाश मिश्र, सुभाष वर्मा आदि वकील मौजूद रहे।
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