लखीमपुर खीरी। शहर में शनिवार को मोहर्रम की आठवीं तारीख का जुलूस निकाला गया। जुलूस मोहल्ला मिश्राना, इमली चौराहा से मेला मैदान रोड से होते हुए मोहल्ला हाथीपुर पहुंचा। वहां से हरिजन बस्ती होते हुए संकटा देवी चौराहा और सराफा बाजार होते हुए सदर चौराहा पहुंचा और सदर कोतवाली के सामने जुलूस का समापन हुआ।
जुलूस अंजुमन गुलामने हुसैन सदर मोहर्रम कमेटी की अगुवाई में निकाला गया। इस मौके पर कमेटी के ताज मोहम्मद, मो.फहीम, तौफीक खान, हाकिम अली, मो.दानिश, मो. लकी, नदीम हाशमी, सुलेमान अंसारी, मोइनुद्दीन अंसारी, मो. अहमद समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और उनकी कुर्बानी को याद किया। जुलूस में मक्का और मदीना की खूबसूरत झांकियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, वहीं जगह-जगह लंगर और शरबत पानी की शबील लगाई गईं। जुलूस के मार्ग पर कई जगहों पर हुए लंगर में सभी समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया।
जुलूस में शामिल हजारों अकीदतमंदों ने काले कपड़े पहनकर मातम किया और या हुसैन के नारे लगाए। जुलूस में तरह-तरह की झांकियां बनाई गई, जिनमें मक्का और मदीना की झांकियां विशेष रूप से आकर्षक थीं।
मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना शिया मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। यह महीना इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में शहादत की याद में मनाया जाता है।
आग पर चलकर किया मातम
बरबर। नगर में आठवीं मोहर्रम पर हजरत इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास अलमदार की शहादत को याद किया गया। मोहल्ला बलराम नगर में साजिद हुसैन व वजीर अंसारी के बाद गांधी नगर स्थित इमामबाड़े से निकले जुलूस में शिया समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन को यादकर मातम करते हुए जुलूस लेकर सब्जी मंडी पहुंचे। यहां दहकते अंगारों पर या हुसैन की सदाओं के साथ नंगे पांव चल कर मातम किया। कुछ छोटे बच्चों ने भी नंगे पांव हाथों में अलम लेकर आग का मातम किया। अंजुमन हुसैनिया के मातमदारों ने सीनाजनी और नोहा खानी की। राहत जैदी, महबूब आलम, इमरोज, जावेद जैदी, शावेज जैदी सहित तमाम लोग आग के मातम में शामिल हुए।
शहर में निकले मोहर्रम की आठवीं के जुलूस में मौजूद भीड़। संवाद
शहर में निकले मोहर्रम की आठवीं के जुलूस में मौजूद भीड़। संवाद
शहर में निकले मोहर्रम की आठवीं के जुलूस में मौजूद भीड़। संवाद