लखीमपुर खीरी। जनपद में परिवहन व्यवस्था का बुरा हाल है। शाम होते ही रोडवेज बसों के पहिये थम जाते हैं। रात नौ बजे के बाद राजधानी के लिए कोई बस नहीं है। सबसे बुरा हाल तो बहराइच, गोंडा रूट का है। इस रूट पर न तो कोई बस है और न ही ट्रेन। ऐसे में इस रूट पर जाने वाले यात्रियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
लखीमपुर डिपो से लखनऊ, शाहजहांपुर सहित अन्य रूटों पर बसें हैं, लेकिन बहराइच के लिए कोई बस सेवा नहीं है। इस रूट पर ट्रेनों का संचालन भी नहीं है। होली पर काफी लोगों का आना-जाना शुरू हो चुका है, लेकिन इस रूट पर वाहन न होने पर यात्रियों को काफी दिक्कतें हो रही है। ऐसे में इस रूट पर जाने वाले यात्रियों के आगे बड़ा संकट है। हालांकि लंबे रूट की बसें बहराइच, बस्ती के लिए बाईपास से निकली हैं, लेकिन उनका समय निर्धारित नहीं होता है।
बसों के इंतजाम में यात्रियों को घंटों इंतजार करना होता है। इसके बावजूद इस ओर न तो जिम्मेदार अफसर ध्यान देते हैं और न ही कोई जनप्रतिनिधि। बहराइच रूट पर जाने वाले यात्री वर्षों से इसका दंश झेल रहे हैं। एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि बसों का रूट निदेशालय से तय होता है। फिलहाल बहराइच के बस सेवा नहीं है।
शाहजहांपुर के लिए शाम छह, लखनऊ के लिए नौ बजे के बाद बस नहीं
लखीमपुर डिपो के पास अपनी कार्यशाला न होने के कारण यहां निगम की एक भी बस नहीं है। सभी 88 अनुबंधित बसें हैं, जो लखनऊ सहित सात रूटों पर दौड़ती हैं। रात नौ बजे के बाद लखनऊ जाने के लिए कोई बस नहीं है। वहीं शाम छह बजे के बाद शाहजहांपुर की कोई बस सेवा नहीं है। और भी कई रूट हैं, जहां सात बजे के बाद बस सेवा नहीं है।
लोग बोले-
लखीमपुर में परिवहन सेवा बहुत ही खराब है। रात नौ बजे के बाद राजधानी जाने के लिए कोई भी वाहन नहीं है। कई ऐसे रूट हैं, जहां बसों का संचालन होना चाहिए, लेकिन नहीं हो रही हैं, जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
-शोमिल, सिंह
जनपद में परिवहन सेवाएं बढ़ाए जाने के लिए जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जनपद में कई ऐसे रूट हैं, जिस पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होता है। उन रोड पर डग्गामार वाहन दौड़ाए जाते हैं।
-अखिलेश कुमार