लखीमपुर खीरी। डीएम अंजनी कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को सदर तहसील में पहली बार आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में व्यवस्था ही फरियादियों के लिए समस्या बनती नजर आई। शिकायत लेकर पहुंचे कई लोगों को रसीद (पर्ची) नहीं दी गई तो तीन-चार बार शिकायत के बाद भी समस्या न सुलझने पर डीएम से मिलने पहुंचे कुछ फरियादियों को राजस्वकर्मी रास्ते में रोकते दिखे। इससे शिकायतकर्ताओं में नाराजगी रही।
पर्ची मिलने वाले मामलों को ऑनलाइन पोर्टल पर चढ़ाकर समय पर निस्तारित किया जाता है। बताया जा रहा है कि इससे बचने के लिए काफी लोगों को पर्ची नहीं दी जा रही थी। कुछ फरियादियों ने विरोध किया तो पर्ची देने का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन कुछ देर बाद फिर बिना पर्ची फरियादियों को भेजा जाने लगा।
तीन-चार बार शिकायत के बावजूद समस्या न सुलझने पर पहुंचे फरियादियों को कई राजस्वकर्मियों ने डीएम तक पहुंचने से पहले रोककर समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन गुस्साए फरियादी डीएम से शिकायत करने पर अड़े रहे।
समाधान दिवस में डीएम और एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने ग्रामीण आवास के पांच लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और पांच को पौधे दिए। ‘जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प’ थीम पर अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई।
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स्थान बदला तो सिमट गई फरियादियों की संख्या
डीएम की अध्यक्षता वाला समाधान दिवस धौरहरा में होना था, लेकिन अचानक लखीमपुर कर दिया गया। शुक्रवार देर शाम स्थान बदलने का आदेश जारी होने से अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं हो सकी। इससे शनिवार को काफी कम लोग पहुंचे। चार घंटे में 61 शिकायतें आईं, जिनमें मात्र छह का निस्तारण हो सका।
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बोले फरियादी, उठाए सवाल
हमारे गांव हलुआपुर में अभी टीकाकरण नहीं किया गया, जबकि मई और जून तक होना था। अभी तक कोई टीम भी नहीं पहुंची। बीमारी के चलते एक भैंस की मौत हो चुकी है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
-देशराज सिंह, अधिवक्ता
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तीन महीनों से सम्मान निधि के लिए लेखपाल की रिपोर्ट लगवाने के लिए चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन लेखपाल मिलते ही नहीं। समाधान दिवस में शिकायत की, लेकिन पर्ची भी नहीं दी गई।
-सतीश, चाऊपुर पड़री
एडीएम के यहां एक मुकदमा विचाराधीन है, जिसमें लेखपाल और कानूनगो की आख्या लगनी है। काफी दिनों से दौड़ रहा हूं, सुनवाई नहीं हुई। मुझे डीएम के पास जाने से रोका और कहा कि लेखपाल बाहर ही मिल जाएंगे।
-शीतला प्रसाद, मीरपुर
घर के पास कूड़ा डालने का गड्ढा है, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने उस पर अवैध कब्जा कर लिया और कूड़ा डालने से मना करते हैं। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।
-मंजू देवी, जैतापुर
अधिवक्ता देशराज सिंह।
अधिवक्ता देशराज सिंह।
अधिवक्ता देशराज सिंह।