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गोला में खंगाले गए निजी अस्पताल, दो को नोटिस

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गोला में माया हॉस्पिटल चेक करते अधिकारी।
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माया हॉस्पिटल में मिलीं एक्सपायर्ड दवाइयां, शिव हॉस्पिटल का पंजीकरण नहीं दिखा पाया स्टाफ
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गोला गोकर्णनाथ। नगर में निजी अस्पतालों का निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। अभियान के पहले दिन सोमवार को दो अस्पताल मानक के विपरीत मिलने पर उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
सोमवार को सीएमओ के निर्देश पर बांकेगंज सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार के नेतृत्व में गठित टीम एसएन सिंह, चंद्रशेखर, संजीव शुक्ल ने नगर में निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। टीम को लखीमपुर रोड पर मधु अस्पताल बंद मिला, वहीं माया हॉस्पिटल में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां एक्सपायर्ड पाई गईं। अस्पताल में ग्रंट नंबर 11 गांव मोतीपुर निवासी आसाराम की पत्नी रेखा देवी और जहानपुर निवासी रिंकू की पत्नी किरन भर्ती मिलीं। परिजन ने बताया कि अस्पताल में बड़े ऑपरेशन से प्रसव कराया गया है। वहीं रेखा देवी के परिजन ने बताया कि अस्पताल में डिलीवरी के लिए 30 हजार रुपये जमा कराए गए हैं। इलाज में करीब पांच हजार रुपये का खर्च अलग से आया है।
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सीएचसी अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान मरीजों के बयान दर्ज किए। उसके बाद टीम ने लखीमपुर रोड स्थित शिव हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। स्टाफ अस्पताल का रजिस्ट्रेशन आदि आवश्यक अभिलेख नहीं दिखा पाया। बांकेगंज सीएचसी के डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाएगा। सोमवार को दो अस्पताल चेक किए गए हैं जहां अनियमितताएं मिली हैं। दोनों अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया गया है।
एसीएमओ ने बंद कराई झोलाछाप की क्लीनिक
बेहजम। ऑनलाइन की गई शिकायत पर एसीएमओ ने सोमवार को कस्बे के एक झोलाछाप के क्लीनिक पर छापा मारकर उसे बंद करा दिया। इस कार्रवाई के बाद अन्य झोलाछाप भी क्लीनिक में ताला डालकर भाग गए।
कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर कस्बे में चल रहे अवैध क्लीनिक की शिकायत की थी। इस पर एसीएमओ अश्वनी कुमार ने टीम के साथ सोमवार को गोविंद ऑप्टिकल सेंटर पर छापा मारा। इस दौरान उन्होंने मरीजों को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाते दबोच लिया। एसीएमओ ने झोलाछाप को फटकार लगाते हुए क्लीनिक बंद करा दिया और दुबारा खुला मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी। वहां पर भर्ती मिले मरीजों को बेहजम सीएचसी शिफ्ट करा दिया।
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इसके बाद रॉयल हॉस्पिटल पहुंचकर अस्पताल में मौजूद मानक अनुरूप सुविधाओं की पड़ताल की और जल्द पंजीकरण पूर्ण कराने के निर्देश दिये। एसीएमओ ने बताया कि ऑनलाइन शिकायत पर अवैध क्लीनिक बंद करा दिया गया है। इसके अलावा दो अस्पताल का पंजीकरण करने के लिए आवेदन किए गए थे, जिस पर उनका निरीक्षण कर मानक चेक किए गए। सीएचसी बेहजम प्रभारी अनिल वर्मा एवं स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी संतोष शुक्ला मौजूद रहे।
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