घाघरा घाट, हसनपुर कटौली मार्ग पर नहीं चलीं बसें
बस मालिकों पर शोषण का आरोप, एसपी से शिकायत
मालिकों की मनमानी, बिना परमिट दूसरे जिले तक बसों को ले-जाने का दबाव बनाने और चालक रामू रस्तोगी की पिटाई कर लूटपाट में कार्रवाई न होने के विरोध में प्राइवेट बस चालकों और परिचालकों ने बस अड्डे पर बसों को खड़ा कर चक्का जाम कर दिया और हड़ताल पर चले गए। इससे घाघरा घाट और हसनपुर कटौली मार्ग पर बसों का संचालन ठप रहा। बड़ी संख्या में एसपी दफ्तर पहुंचे चालकों परिचालकों ने एसपी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। चालकों परिचालकों ने रिपोर्ट दर्ज न होने और बस मालिकों द्वारा किए जा रहे शोषण को न रोके जाने तक बसों को चलाने से इंकार कर दिया। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतें हुईं।
लखीमपुर से घाघरा घाट और हसनपुर कटौली मार्ग पर प्राइवेट बसों का संचालन मेला मैदान से होता है। बसों के चालकों/परिचालकों आशीष, राजू, पंकज, लल्लन, अख्तर आदि ने बताया कि इस रूट पर चलने वाली प्राइवेट बसों का परमिट घाघरा घाट तक है, लेकिन बस मालिक और यूनियन के पदाधिकारी चालकों और परिचालकों पर दबाव बनाकर जबरिया बसों का संचालन बहराइच जिले के सुजौली तक करवाते हैं। जिससे राजस्व को भी क्षति पहुंचाई जाती है। बस से यदि कोई घटना-दुर्घटना हो जाती है तो मालिकान सारी जिम्मेदारी बस स्टॉफ पर थोप देते हैं। 21 नवंबर की रात थाना ईसानगर के हसनपुर कटौली बस अड्डे पर चालक राजू रस्तोगी के साथ मारपीट की गई। हमलावर चालक की जेब में रखे 1800 रुपये भी लूट ले गए। इसकी शिकायत जब बस मालिक से की गई तो उन्होंने कोई मदद नहीं की। इससे गुस्साए तमाम चालक-परिचालक बुधवार को एसपी दफ्तर पहुंचे और एसपी को तहरीर देकर शोषण बंद कराने और चालक के साथ हुई लूटपाट की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। चालकों ने कार्रवाई न होने तक बसों का संचालन बंद रखने का निर्णय लिया।
100 नंबर पर शिकायत पर भी नहीं पहुंची पुलिस
घायल चालक राजू रस्तोगी ने बताया कि 21 नवंबर की रात चार लोगों ने उसे बस से उतारकर मारापीटा और 18 सौ रुपये लूट लिए। इसकी सूचना उसने 100 नंबर पर मोबाइल से दी। सूचना पर उस नंबर से मैसेज तो पहुंच गया, लेकिन घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची।
बसें सिर्फ घाघराघाट तक ही जाती हैं, जब पब्लिक दबाव बनाती है तो चालक सुजौली तक ले जाते हैं। बस मालिकानों और पदाधिकारियों पर शोषण का आरोप गलत है। चालक के साथ हुई मारपीट के विरोध में स्टॉफ ने बसों को ले जाने से मना कर दिया है।
-वीरेंद्र गुप्ता कोषाध्यक्ष, लखीमपुर-घाघराघाट बस यूनियन