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Lakhimpur Kheri News: ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

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गोला गोकर्णनाथ। लखीमपुर मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। शिकायत पर अस्पताल सील कर दिया गया है, वहीं दो डॉक्टरों और आशा कार्यकर्ता पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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थाना मितौली के गांव मड़रिया निवासी साहबलाल ने दर्ज कराए मुकदमे में कहा है कि द्वारिकागंज स्थित उनकी ससुराल के लोगों ने ऊंची भूड़ निवासी आशा बहू सरिता वर्मा के साथ 18 दिसंबर को पत्नी मनोरमा देवी को प्रसव के लिए मन्नत हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। वहां डॉक्टर आरिफ व अन्य डॉक्टर मनोरमा का इलाज कर रहे थे।
25 दिसंबर की रात 9:00 बजे बड़ा ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया। 26 दिसंबर की देररात पत्नी मनोरमा की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टर मृतका को छोड़कर भाग गए। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और शव को जंगल में फेंकने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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रात करीब 2:00 बजे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर गोला सीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. अजय वर्मा के साथ पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल सील कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उधर, स्टाफ अस्पताल के नाम का साइन बोर्ड तक उतार ले गया।


प्रसूता के परिवार वालों ने की मुआवजे की मांग, जाम लगाने की कोशिश

गोला गोकर्णनाथ। निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले में परिजनों ने मुआवजे की मांग कर जाम लगाने का प्रयास किया।
शुक्रवार देर शाम प्रसूता मनोरमा का शव पोस्टमार्टम के बाद मायके में द्वारिका गंज लाया गया। लोगों ने 10 लाख मुआवजे की मांग करते हुए अलीगंज मार्ग जाम करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता और सीओ गवेंद्र गौतम सहित बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची। कार्रवाई का आश्वासन देते हुए लोगों को शांत किया गया। सीओ ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। संवाद



प्रसव के दौरान महिला की मौत, गलत इलाज का आरोप

निघासन। सीएचसी की तारानगर पीएचसी पर शिशु को जन्म देने के तुरंत बाद महिला की मौत हो गई। घरवालों ने गलत इलाज का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को कामतानगर गांव के सुरजीत कुमार की 32 वर्षीय गर्भवती पत्नी कुसुम के पेट में दर्द हुआ। घरवाले उसे तारानगर पीएचसी ले गए। वहां शिशु के जन्म के थोड़ी देर बाद ही महिला की मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि पीएचसी में कोई डॉक्टर तैनात न होने से वहां तैनात फार्मासिस्ट ने गलत इलाज करते हुए एक बोतल चढ़ाई। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी।
सुरजीत ने बताया कि बुलाने पर भी दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची और महिला की मौत हो गई। सीएचसी के डॉ. मोहित ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उधर, फार्मासिस्ट ने आरोपों को निराधार बताया है। संवाद
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