लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस एप पर आवेदन करने वाले ग्रामीण परिवारों का सत्यापन कराया जा रहा है, जिसमें रेंडम जांच के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी की जांच में सचिव द्वारा पात्र घोषित कई लाभार्थी अपात्र मिले है। वहीं अपात्र किए गए लाभार्थी पात्र मिले हैं।
आवास प्लस एप के लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य 15 सितंबर 2020 तक चलेगा, जिसके बाद पात्र और अपात्रों की सूची तैयार की जाएगी।
आर्थिक, सामाजिक जनगणना 2011 की सेक सूची के आधार पर सभी पात्र लाभार्थियों के संतृप्त होने पर शेष रह गए पात्र ग्रामीणों से ऑनलाइन आवास प्लस एप पर आवेदन मांगे गए थे। परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने बताया कि कुल 2,50,184 लोगों ने आवास के लिए एप पर आवेदन किया था, जिनका सत्यापन ग्राम पंचायत के सचिवों से कराया जा रहा है। इसके अलावा रेंडम जांच के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं, जो सचिव द्वारा तैयार लाभार्थियों की सूची का सत्यापन कर रहे हैं। इसी कड़ी में नोडल अधिकारी/जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने कुुंभी ब्लॉक की ग्राम पंचायत काजरकोरी में बुधवार को लाभार्थियों का सत्यापन किया। यहां कुल 104 परिवारों ने आवेदन किया है, जिसमें 46 परिवारों को सचिव ने पात्र बताया है। इसमें से 14 लाभार्थियों की जांच की गई, जिसमें सचिव द्वारा अपात्र बताए गए दिल्लीपति को पात्र पाया गया। वहीं सचिव द्वारा पात्र बताया गया दीपू नोडल अधिकारी की जांच में अपात्र मिला। इसी गांव में गुड्डू को सचिव ने अपात्र बताया था, जो नोडल अधिकारी की जांच में पात्र पाया गया। इसके बाद जिला कृषि अधिकारी ने ग्राम पंचायत छिछौना के आवेदकों का सत्यापन किया। यहां 185 परिवारों ने आवास प्लस एप पर आवेदन किया है, जिसमें से 53 परिवारों को सचिव ने पात्र घोषित किया है। नोडल अधिकारी ने 10 परिवारों का सत्यापन किया, जिसमें अपात्र बताए गए राजेश कुमार को पात्र पाया गया। नोडल अधिकारी ने सत्यापन आख्या सीडीओ और डीएम को भेजी है।
प्रधान की नहीं चलेगी दखलदांजी, प्रस्ताव की जरूरत नहीं
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस एप पर आवेदन करने वाले परिवारों के सत्यापन की जिम्मेदारी पंचायत सचिवों को सौंपी गई है, जिसमें प्रधान की दखलंदाजी को खत्म करने के लिए शासन ने ग्राम सभा के प्रस्ताव की व्यवस्था को लागू नहीं किया है। इससे लाभार्थियों के चयन में प्रधान अड़ंगा नहीं लगा सकेंगे। पीडी ने बताया कि पहले ग्राम सभा के प्रस्ताव में लाभार्थियों की सूची फाइनल की जाती थी, लेकिन प्रधानों द्वारा लाभार्थी चयन में अड़ंगा लगाने की शिकायतों के मद्देनजर शासन ने आवास प्लस एप की सूची सत्यापन में ग्राम सभा के प्रस्ताव को शामिल नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
आवास प्लस एप पर आवेदन करने वाले आवासविहीन परिवारों का सत्यापन कराया जा रहा है, जो 15 सितंबर तक चलेगा। सचिव स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने के लिए ही जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जो गांवों में जाकर सचिव द्वारा पात्र और अपात्र किए गए लाभार्थियों का सत्यापन कर रहे हैं।
-रामकृपाल चौधरी, परियोजना निदेशक, डीआरडीए