पिछले दिनों हुए सर्वे के बाद जिले में एक लाख 32 हजार केवीए के तीन नए उपकेंद्रों के निर्माण और छाउछ उपकेंद्र्र की क्षमता बढ़ाकर दो लाख हजार 20 हजार करने के प्रस्ताव को स्वीकृत मिल गई है।
पावर कारपोरेशन के एमडी संजय अग्रवाल ने जिले में बिजली की समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। जल्द उपकेंद्र्रों की स्थापना के लिए जमीन तलाशने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। गोला-मोहम्मदी रोड पर जमीन के लिए एसडीओ ट्रांसमिशन मुकेश कुमार जाखड़वाल लगातार एसडीएम गोला से संपर्क में हैं। हालांकि अभी जमीन की उपलब्धता को लेकर कोई प्रगति नहीं दिखाई दे रही है। एसडीओ के मुताबिक पिछले दिनों हुए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि जिले में बिजली खपत तेजी से बढ़ती जा रही है, लेकिन संसाधनों की कमी और ओवरलोडिंग से एक-दो वर्षों में बिजली सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए ओयल, मितौली और गोला-मोहम्मदी रोड के रेहरिया में 132केवीए का उपकेंद्र बनाने पर बल दिया गया था। एसडीओ ने बताया कि मौजूदा समय में ओयल, मितौली और रेहरिया में 33 केवीए के उपकेंद्र हैं, लेकिन जल्द यहां 132केवीए के उपकेंद्र का निर्माण किया जाएगा। उपकेंद्रों के निर्माण के लिए ट्रांसमिशन द्वारा जमीन को लेकर किए जा रहे प्रयासों से उम्मीद है कि अगर उपकेंद्रों का निर्माण जल्द पूरा हुआ तो बिजली के क्षेत्र में खीरी जिले को बड़ी उपलब्धि हासिल हो जाएगी। गौरतलब है कि जिले में सिर्फ निघासन में ही दो लाख 20 हजार का एक उपकेंद्र है। छाउछ इतनी क्षमता वाला दूसरा उपकेंद्र बन जाएगा।
मुकेश कुमार जाखड़वाल ने बताया कि विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण की स्वीकृत मिल गई है। अब जमीन को लेकर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। हालांकि किसी भी जगह जमीन नहीं मिल पाई है। इस संबंध में एसडीएम गोला से बार-बार संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा जल्द जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।