लखीमपुर खीरी। बाजार भाव गिरने पर होने वाले नुकसान से आलू किसानों को बचाने और उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए शासन ने तीन योजनाएं शुरू की हैं। इनमें कोल्ड स्टोरेज शुल्क अनुदान, भामाशाह भाव स्थिरता कोष और आलू बीज योजना शामिल हैं।
भामाशाह भाव स्थिरता कोष के तहत बाजार में आलू का भाव गिरने पर पात्र किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र और प्रति हेक्टेयर 240 क्विंटल तक आलू पर लाभ मिलेगा। आलू बीज मूल्य छूट योजना के तहत नवीन एवं उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज की खरीद पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की छूट दी जाएगी। यह छूट अधिकतम 200 क्विंटल तक होगी।
कोल्ड स्टोरेज शुल्क अनुदान योजना में निजी शीत गृहों में आलू रखने वाले किसानों को भंडारण शुल्क में सहायता मिलेगी। इससे बाजार भाव कम होने पर तत्काल आलू बेचने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है।