लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली के अलावा पूरे जिले में हुई ठगी की बड़ी घटनाओं का खुलासा नहीं हो सका है। इनमें ऑनलाइन फिसिंग में 37 लाख तो विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी के मामले शामिल हैं।
पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाना पुलिस मुकदमा तो दर्ज करती है, लेकिन कार्रवाई कागजों में ही सिमट जाती है। जिन मामलों का खुलासा किया भी है तो उनमें ठगी की रकम महज कुछ हजारों की ही होती है। फरवरी, 2024 में साइबर अपराधों को रोकने के लिए साइबर थाना बनाया गया था। तत्कालीन एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया था कि इस साइबर थाने को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है, जहां पर विशेषज्ञ साइबर अपराधों का खुलासा करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाएंगे, जो बेबुनियाद साबित होता दिखाई दे रहा है। संवाद
निवेश के नाम पर लिया झांसे में
केस -01
भीरा थाना क्षेत्र के कस्बा पड़रिया तुला निवासी आकाश की पत्नी एलिजा ने बताया कि उनके व्हाट्सएप नंबर पर ठग ने लिंक भेजा था। लिंक पर क्लिक करते ही उन्हें हेल्जबर्ग डायमंड नाम के पोर्टल के बारे में जानकारी हुई। ठगों ने महिला को झांसे में लेकर पोर्टल पर रुपये निवेश करने की बात कही। महिला का कहना है कि ठगों के झांसे में आने के बाद धीरे-धीरे करते हुए पोर्टल पर उसने पैसा लगाया। महिला ने जब अपना मुनाफा निकलना चाहा तो उसके पैसे निकल नहीं पाए। गंवाई रकम निकालने के चक्कर में 37 लाख 12 हजार 284 रुपये लगा दिए। पुलिस यह मामला नहीं खोल पाई।
विदेशी स्कूल में प्रवेश के नाम पर ठगा
केस -02
थाना नीमगांव के ग्राम लखनियापुर निवासी गुरुपाल सिंह ने बताया कि मनप्रीत सिंह संचालक-कैंडिड इमीग्रेशन रुद्रपुर उत्तराखंड, सतवंत सिंह सहायक कैंडिड इमीग्रेशन, रुद्रपुर व दानिश पुत्र अज्ञात निवासी मोहल्ला निर्मलनगर ने उनके भाई को ऑस्ट्रेलिया के स्कूल में प्रवेश दिलाने और वीजा बनवाने की बात कहकर झांसे में लिया। ठगों ने पहले ट्रेनिंग के नाम पर दो लाख रुपये नकद ले लिए। इसके बाद फीस के नाम पर 8,22,035 रुपये ऐंठे। वीजा मंजूर होने की बात कहकर भी रुपये लिए गए। पीड़ित को 12,22,035 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। इसमें भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
कई बार में दस लाख रुपये करवाए ट्रांसफर
केस -03
मोहम्मदी क्षेत्र के गांव फिरोजपुर निवासी रावेंद्र कुमार ने बताया कि अपने भाई मुनीब कुमार को विदेश भेजने के नाम पर ठगी की गई। पीड़ित ने गुरमेल सिंह को कई बार में 10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया, लेकिन आज तक रिकवरी को दूर पुलिस ठगों का पता तक नहीं लगा सकी है।
लिंक पर क्लिक करते ही फोन बंद, फिर रुपये उड़े
केस -04
मोहम्मदी के मोहल्ला बाजार खुर्द निवासी कुशाग्र गुप्ता ने बताया कि बीती 22 जनवरी को उनके मोबाइल फोन के टेलीग्राम एप पर एक लिंक मिला। आरोपी युवक ने लिंक से जुड़ने की बात कही। लिंक पर क्लिक करने के बाद पीड़ित ग्रुप के एडमिन आदि की जानकारी ले ही रहा था कि एकाएक उसका फोन बंद हो गया। पीड़ित का कहना था कि वह इससे पहले भी उक्त ग्रुप से जुड़ा था। इसी भरोसे में उसने दोबारा लिंक पर क्लिक किया। खुलने के बाद फोन को चेक किया तो तीन अलग-अलग खातों से रुपये कट गए। पुलिस अब तक आरोपियों को नहीं खोज सकी।
दुष्कर्म में फंसाने की धमकी देकर ऐंठे रुपये
केस -05
सुशील कुमार निवासी गांव मरखापुर ने बताया कि 12 जनवरी, 2024 को उनके पास एक अन्जान नंबर से कॉल आई थी। ठग ने दुष्कर्म के आरोप में उसे जेल भेजने की धमकी दी थी। मामला खत्म करने के नाम पर 72 हजार रुपये की मांग की गई, लेकिन पीड़ित के पास 47,500 रुपये ही थे, जिन्हें भेज दिया था। ठग ने 28 हजार रुपये और मांगे। मना करने पर ठग ने जमकर गाली-गलौज की। पुलिस आज तक इस मामले में आरोपियों का पता नहीं लगा पाई।
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पुराने मामलों में जांच की जा रही है। कुछ मामलों में रिकवरी हुई है। इन सभी घटनाओं पर बिंदुवार जांच चल रही है। कुछ इनपुट भी मिले हैं। जल्द ही घटनाओं का खुलासा किया जाएगा।
-रामखेलावन, थाना प्रभारी साइबर सेल