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पुलिस ने बदली गैंगरेप की तहरीर, रिपोर्ट भी दर्ज न करने का आरोप

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Police changed the complaint of gang rape, accused of not even registering the report
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पीड़ित किशोरी ने पुलिस पर लगाया आरोपियों को बचाने का आरोप
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निघासन। थाना क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी को दो दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप की शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ित किशोरी का आरोप है कि दो आरोपियों में पुलिस भाजपा नेता के पुत्र को बचा रही है। पुलिस ने तहरीर भी बदलवा दी है। आरोप है कि अब तक कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है।
क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित किशोरी ने बताया कि 29 मई को उसके घर के सामने लगे गन्ने के खेत में कुछ गायें घुस गई थीं। गायों को भगाने के लिए रात्रि करीब दस बजे उसकी 17 वर्षीय किशोरी गई थी। उसके बाद वह घर नहीं लौटी।
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31 मई की शाम उसकी पुत्री के महेवागंज के पास मजार के पास बैठे होने की सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे परिवार वाले उसे किसी तरह बेसुध हालत में अपने साथ लेकर आए। किशोरी ने बताया कि गांव के ही एक भाजपा नेता के बेटे और पड़ोसी गांव के एक युवक ने उसे भीरा थाने के एक गांव में दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा और सामूहिक दुष्कर्म किया। उसके बाद उसे महेवागंज के पास मजार पर छोड़ दिया। पुलिस को तहरीर मिली, लेकिन मामला सत्तापक्ष का होने के कारण नेता ने पुलिस पर दबाव बनाया। शनिवार को पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए किशोरी को घटनास्थल पर लेकर गई। वहां से लौटने के बाद उसकी तहरीर बदलवा दी गई, जिसमें नेता के बेटे को बचाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि नेता के पुत्र की मोबाइल लोकेशन और घटनास्थल से उसका कोई लेनादेना नहीं। तहरीर के आधार पर जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस मामले में सीओ सुबोध जायसवाल ने अनभिज्ञता जताई है।
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