लखीमपुर खीरी। फाइलों में बिजली के खंभे और केबल दौड़ रहे हैं, लेकिन शहर की कई गलियों में करंट आज भी बांस-बल्ली के सहारे पहुंच रहा है। डेढ़ साल पहले शुरू हुई सप्लाई एफोर्डिंग चार्ज योजना में नए कनेक्शन पर 300 मीटर तक खंभा-केबल की सुविधा है, फिर भी प्रचार के अभाव में अधिकांश उपभोक्ता इससे अनजान हैं। नतीजा, सड़े बांसों पर झूलते तार हादसे को न्योता दे रहे हैं।
विद्युत लाइन को बांस-बल्ली से छुटकारा दिलाने के लिए शुरू की गई योजना के तहत नए विद्युत कनेक्शन पर अब तक 625 खंभे लगाए जा चुके हैं। 10 किलोमीटर वन-फेज और साढ़े पांच किलोमीटर थ्री-फेज केबल डाली जा चुकी है। इसके बावजूद पुराने इलाकों में बांस-बल्ली के सहारे विद्युत करंट दौड़ रहा है।
विद्युत व्यवस्था के मामले में खीरी दो सर्किल और छह डिविजन में है। लखीमपुर सर्किल में मितौली, निघासन और लखीमपुर, जबकि गोला सर्किल में पलिया, मोहम्मदी और गोला डिविजन हैं। सभी डिविजन मिलाकर करीब साढ़े छह लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 10 से 15 या इससे अधिक मोहल्ले ऐसे हैं, जहां बांस-बल्ली के सहारे विद्युत आपूर्ति हो रही है। यहां हादसों का खतरा होने के साथ सबसे ज्यादा फॉल्ट भी होते हैं। विभागीय अनुमान के अनुसार, प्रति डिविजन करीब एक हजार के हिसाब से छह हजार खंभे लगाए जाएं तो बांस-बल्ली से छुटकारा मिल सकता है।
डेढ़ साल पहले तक नई प्लाॅटिंग वाले उपभोक्ताओं को कनेक्शन के लिए निगम की ओर से नि:शुल्क खंभा और केबल डालने की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में अधिकांश उपभोक्ता बांस-बल्ली के सहारे कनेक्शन चलाते थे। पिछले वर्षों में शहर के आसपास नई प्लाॅटिंग बढ़ती गई और बांस-बल्ली का दायरा भी बढ़ता गया। इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने डेढ़ साल पहले सप्लाई एफोर्डिंग चार्ज योजना शुरू की। इसके तहत 300 मीटर नए कनेक्शन पर उपभोक्ता को सिर्फ कनेक्शन व एफोर्डिंग चार्ज के 1500 रुपये अलग से देने होते हैं। शेष लाइन, खंभे और अन्य विद्युत ढांचा विभाग की जिम्मेदारी है।
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सड़ गए बांस-बल्ली, जमीन पर लटक रहे तार
बांस-बल्ली के सहारे दौड़ रहे करंट को लेकर शहर में पड़ताल की गई तो हर मोहल्ले में कहीं न कहीं यह नजारा देखने को मिला। मोहल्ला शास्त्रीनगर के कई हिस्सों में बांस-बल्ली का सहारा मिला। इनमें कई बांस सड़ चुके हैं और छूटकर झुक गए हैं। बिजली के तार काफी नीचे लटके मिले। ये व्यस्त सड़क किनारे हैं, लेकिन कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहा। मोहल्ला हिदायत नगर, शिव कॉलोनी और गोला रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल के सामने आबादी में भी बांस-बल्ली पर तार झूल रहे हैं।
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जहां भी बांस-बल्ली के सहारे विद्युत आपूर्ति हो रही है, वहां सुरक्षा के लिहाज से खंभे और केबल लगवाए जाएंगे। पुराने कनेक्शनों को भी इस व्यवस्था में लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। सप्लाई एफोर्डिंग के तहत नए कनेक्शन पर 300 मीटर तक खंभे और केबल की सुविधा उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को इसका लाभ लेना चाहिए और असुरक्षित तरीके से बिजली आपूर्ति की जानकारी विभाग को देनी चाहिए।
-राजीव कुमार यादव, अधीक्षण अभियंता, लखीमपुर सर्किल
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स्टोर में खंभे व केबल की रहती है कमी
सप्लाई एफोर्डिंग व्यवस्था शुरू होने के बाद से अचानक खंभे और केबल की मांग बढ़ गई है। ऐसे में स्टोर में इन उपकरणों की कमी हो गई है। पिछले दिनों लखीमपुर डिविजन में इस नई व्यवस्था के तहत 250 खंभे तो लगा दिए गए थे, लेकिन काफी दिनों से केबल की आपूर्ति न होने से लोगों के कनेक्शन नहीं हो पा रहे थे। हालांकि अमर उजाला के संवाद न्यूज एजेंसी में इस समस्या की खबर प्रकाशित होने के दूसरे दिन ही सप्लाई मिल गई, जिसके बाद लोगों की समस्या का समाधान हो सका।
मोहल्ला शास्त्री नगर में बांस बल्लियों पर झूल रहे तार। संवाद
मोहल्ला शास्त्री नगर में बांस बल्लियों पर झूल रहे तार। संवाद
मोहल्ला शास्त्री नगर में बांस बल्लियों पर झूल रहे तार। संवाद
मोहल्ला शास्त्री नगर में बांस बल्लियों पर झूल रहे तार। संवाद
मोहल्ला शास्त्री नगर में बांस बल्लियों पर झूल रहे तार। संवाद