गोला गोकर्णनाथ। जिले में आर्यावर्त बैंक से संबद्ध हजारों किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है, जबकि किसानों ने एक वर्ष पूर्व ही सम्मान निधि पाने के लिए औपचारिकताएं पूर्ण कर आवेदन किया था।
पहली फरवरी 2019 को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने सीमांत कृषकों को 6000 रुपये वार्षिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद ही किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने के लिए तहसील के लेखपालों के पास आवेदन पत्र जमा कर दिए। जिन किसानों के बैंक खाते इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखाओं में थे उन्होंने बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, आधार और खतौनी की प्रतिलिपि भी संलग्न की थी। अपने आवेदन पत्र में उन्होंने बैंक का नाम, खाता क्रमांक और बैंक का आईएफएससी कोड नंबर भी लिखा था किंतु आवेदन पत्र जमा करने के बाद एक अप्रैल 2019 को ही इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक का विलय आर्यावर्त बैंक में हो गया। विलय के बाद बैंक का नाम तो बदल ही गया किसानों के बैंक खाता क्रमांक और बैंक का आईएफएससी कोड भी बदल गया। इस कारण आर्यावर्त बैंक के खाता धारक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नहीं मिल पाई है। परेशान किसान तहसील और कृषि विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों को हर जगह से टरकाया जा रहा है।
कहीं लैप्स तो नहीं हो जाएगी किसानों की सम्मान निधि
जिन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अब तक नहीं मिली है उन्हें पिछले वर्ष की 6000 और इस वर्ष की पहली 2000 की किस्त नहीं मिल सकेगी। यदि उनका नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में फीड हो जाता है तो उन्हें अगली किस्तें ही मिल सकेंगी
जिले में है 75 बैंक की शाखाएं
लखीमपुर खीरी जिले में आर्यावर्त बैंक की 75 शाखाएं ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र में है। इनमें गोला गोकर्णनाथ, मोहम्मदी, पलिया कला, अहमदनगर, बमनगर, राजापुर बेनी, भल्लिया बुजुर्ग, भानपुर, भीखमपुर, संसारपुर, ढखेरवा, जलालपुर, खमरिया, मितौली, नीमगांव, रोशन नगर आदि स्थानों में स्थित है।
यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक का आर्यावर्त बैंक में विलय हो जाने के कारण बैंक का आईएफएससी कोड किसानों के खाता क्रमांक और बैंक का नाम बदल जाने के कारण किसानों को पीएम सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है।
टीएम सिंह उप निदेशक कृषि लखीमपुर खीरी।