लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन फेस टू (एसबीएम/ओडीएफ प्लस) में सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत 436 ग्राम पंचायतों का चयन किया है, जिनमें प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, कंपोस्ट पिट और सोख्ता बनाए जाएंगे। फेस टू के पहले चरण में पांच ब्लॉकों पलिया, लखीमपुर, गोला, बेहजम, बिजुआ में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे।
एसबीएम फेज टू के तहत गांवों में घरों से निकलने वाले कूड़ा और गंदे पानी का निस्तारण करने के लिए सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट लागू किया जाना है। करीब एक साल इस मिशन की शुरुआत की गई थी, जिसके बाद अब जनपद की 436 ग्राम पंचायतों को बजट 7.92 करोड़ का आवंटन हुआ है। इन चयनित ग्राम पंचायतों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी का निस्तारण करने के लिए 4600 सोख्ता गड्ढे बनवाए जाएंगे। गोबर से जैविक खाद बनाने के लिए 1105 कंपोस्ट पिट बनाए जाएंगे।
प्लास्टिक कचरा के प्रबंधन के लिए पांच ब्लॉकों पलिया, लखीमपुर, गोला, बेहजम और बिजुआ में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक प्लांट पर 16 लाख रुपये निर्माण लागत आएगी। इससे प्लास्टिक कचरे का उचित प्रबंधन करने के साथ ही लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। ग्राम पंचायतों को धनराशि मिल चुकी है।
इससे डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने संबंधित ग्राम पंचायतों को कार्य प्रारंभ करने के लिए अनुमति दे दी है। डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने बताया कि सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्य स्वयं ग्राम पंचायतें करेंगी। पहले चरण में 436 ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण होने के बाद शेष ग्राम पंचायतों में ओडीएफ प्लस के कार्य कराए जाएंगे।