दो दिवसीय दौरे पर आई डीजी, सैनिक सम्मेलन किया
डीजी का खीरी और बहराइच में हुआ स्वागत
एसएसबी महानिदेशक अर्चना रामसुंदरम ने एसएसबी तृतीय वाहिनी का दौरा कर सीमा पिलर्स और कतर्नियाघाट बीओपी का निरीक्षण किया। इससे पहले तृतीय वाहिनी मुख्यालय पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। एसएसबी मुख्यालय में पदभार ग्रहण करने के बाद क्षेत्र लखीमपुर खीरी का उनका पहला दौरा है।
महानिदेशक के साथ सीमांत मुख्यालय लखनऊ के आईजी वीएच देशमुख भी मौजूद रहे। गिरजापुरी पहुंचने पर डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बलोदी ने उनका स्वागत किया। एसएसबी जवानों ने उन्हें गार्ड आफ ऑनर प्रस्तुत किया। डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बलोदी ने सेक्टर के सभी अधिकारियों से उनका परिचय कराया।
एसएसबी महानिदेशक ने बीओपी कतर्नियाघाट का निरीक्षण करने के साथ ही सीमा पिलर्स का भी निरीक्षण किया। बाद में उनकी अध्यक्षता में एक सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। आईजी वीएएच देशमुख ने उनका स्वागत किया। डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बलोदी ने सेक्टर मुख्यालय के क्रियाकलापों की जानकारी दी।
इस मौके पर महानिदेशक ने कहा कि एसएसबी सीमा की सुरक्षा के दायित्व को बखूभी निभा रही है हमें यह तय करना है कि हमारे पड़ोसी देश नेपाल और भूटान से हमारा घनिष्ठ एवं पारंपरिक संबंध है जिसे हमें और मजबूत करना है इसके लिए सीमा पर बल के हर जवान को हर समय यह ध्यान देना होगा कि हम सीमा पर जो ड्यूटी करते हैं उसे बड़ी ईमानदारी से करें और हमेशा ऐसा काम करें है जिससे देश का सिर हमेशा ऊंचा रहे।
उन्होंने गिरजापुरी में ग्रामीण समन्वय बैठक का आयोजन किया। इस दौरान उनके स्वागत में थारू जनजाति के लोगों ने मनमोहक सांस्कृतिक कर्यक्रम प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एसएसबी समय-समय पर सीमा पर बसे लोगों के बीच जाकर सामाजिक चेतना अभियान, नि:शुल्क मानव और पशु चिकित्सा शिविर, बालिकाओं को शैक्षिक भ्रमण, सोलर लाइट लगाने आदि अनेक सामाजिक कार्य करता आ रहा है। उन्होंने बालिकाओं को ज्यादा पढ़ाने का भी अनुरोध किया। महानिदेशक ने मानव एवं पशु चिकित्सा शिविरों का भी निरीक्षण कर इन्हें और भी प्रभावी बनाने को कहा।
उस दौरान महानिदेशक के सामने सीमा की एक बुजुर्ग महिला ने अपनी समस्या रखी। जिस पर उन्होंने उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसे पांच हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। बाद में महानिदेशक गोरखपुर सेक्टर के लिए रवाना हो गईं।