- सेहत महकमे ने हाईकोर्ट जाने का किया फैसला
पीएचसी तिकुनियां पर मालिकाना हक जताने पहुंचे सीतापुर निवासी अनिल अग्रवाल के कड़े तेवर देखकर सेहत महकमे ने भी पीएचसी के बचाव की तैयारी शुरू कर दी है। राजस्व अभिलेखों में संबंधित भूमि पर पीएचसी दर्ज होने पर विभाग ने हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। उधर, पीएचसी पर मालिकाना हक जताने पहुंचे सीतापुर के अनिल अग्रवाल सीतापुर लौट गए हैं।
बीते शुक्रवार को सीतापुर निवासी अनिल अग्रवाल सीजेएम न्यायालय के अमीन और पुलिस बल के साथ पहुंचकर पीएचसी तिकुनियां पर अपना मालिकाना हक जताते हुए डाक्टर से पीएचसी पर कब्जा करने की बात कही थी। कोर्ट के आदेश और नोटिस को लेकर दोनों पक्षों में काफी नोकझोंक हुई थी।
इस मौके पर सीएचसी प्रभारी निघासन लालजी और डिप्टी सीएमओ ने तिकुनिया पहुंचकर अनिल अग्रवाल से बात की। कोर्ट के आदेश सहित नोटिस न मिलने की बात कही थी। दोनो पक्षों के बीच तीखी झड़प के चलते कस्बे के तमाम लोग भी मौके आ गए थे और पीएचसी पर मालिकाना हक जताने वालों का विरोध किया था।
पीएचसी पर दावे को लेकर सेहत महकमे में भी हड़कंप मच गया। मामले को कानूनी नजरिए से लेकर पैरवी के लिए सीएमओ ने पीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल अग्रवाल को मुख्यालय बुलाकर पीएचसी को बचाने की रणनीत तय की। इस बाबत डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत, खसरा और खतौनी से लेकर सभी राजस्व अभिलेखों में भूमि पर सीएचसी दर्ज है। अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हाईकोर्ट में पैरवी करने का फैसला किया है।