लखीमपुर खीरी। बदलते मौसम में बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। दिन में चिलचिलाती धूप और रात में हल्की ठंड से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। इसका सबसे ज्यादा असर वायरल बुखार, खांसी और जुकाम के रूप में देखने को मिल रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित होते हैं। जिला अस्पताल में 1300-1500 मरीजों की ओपीडी रोज हो रही है। इसमें बुखार के ही मरीज सबसे अधिक हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि इस समय मौसम के उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में लोग संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक, यदि एक घर में किसी एक सदस्य को बुखार या खांसी-जुकाम हो जाए तो संक्रमण पूरे परिवार तक पहुंच जाता है। यही कारण है कि इस समय कई परिवार एक साथ बीमार पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि वायरल बुखार में मरीज को तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण नजर आते हैं। कई मामलों में गले में खराश और थकान भी देखने को मिल रही है।
हालांकि, यह बीमारी आमतौर पर पांच से सात दिन में सामान्य हो जाती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर स्थिति बिगड़ सकती है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि बुखार तीन दिन से ज्यादा रहे या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इन बातों का रखें ध्यान
-संक्रमण से बचने के लिए भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से परहेज करें। मास्क का इस्तेमाल करें। हाथों को बार-बार धोते रहें और भोजन को ढककर रखें। पानी को गर्म करके पीयें। हल्का व सुपाच्य भोजन करें। फल व सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं। घर में किसी को बुखार है तो अलग तौलिया का इस्तेमाल करें। अलग बर्तन में खाना खाएं।
डॉ. रोहित पाठक, फिजिशियन, जिला अस्पताल