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Lakhimpur Kheri News: सूदखोरों के ब्याज तले दब रहे लोग... मौत को लगा रहे गले

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लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र में सूदखोरी का कारोबार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यह सूदखोर ब्याज इतना अधिक वसूलते हैं कि उधार लेने वाला मूलधन अक्सर जीवन में कभी नहीं चुका पाता। हर महीने बढ़ती रकम अदा न कर पाने की वजह से लोग मजबूरी में मौत को गले लगा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि घटना होने के बाद परिजन पुलिस से शिकायत नहीं करते, लेकिन कार्रवाई न होने की वजह से सूदखोरों के हौसले बुलंद हैं।
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शहर में कई रसूखदार ब्याज पर पैसा देने का काम कर रहे हैं। सूत्राें का कहना है कि यह सूदखोर जरूरतमंद की जरूरतों को देखकर उस पर ब्याज लगाते हैं, जिसको ज्यादा रुपयों की जरूरत होती है, उससे 30 प्रतिशत तक ब्याज वसूलते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि सूदखोर चक्रवृृद्धि ब्याज तक लगा देते हैं।
हाल यह है कि बढ़ते ब्याज और मूलधन न लौटा पाने पर यही सूदखोर अपने साथियों के साथ मिलकर धमकाते और समाज में बेइज्जत करते हैं। आखिर में पीड़ित मौत को ही गले लगाना मुनासिब समझता है। रविवार को भी एक युवक ने सूदखोर से लिए गए कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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घटनाएं बयां कर रहीं सूदखोरों की कहानी

साल 2015 में सदर कोतवाली के मोहल्ला बहादुर नगर निवासी कृष्ण कुमार सोनी का परिवार भी सूदखोरों की धमकी और वसूले जा रहे ब्याज के चलते समाप्त हो गया। बताया जा रहा था कि कृष्ण कुमार ने ढाई लाख रुपये का कर्ज सूदखोर से लिया था। रुपया वापस न करने पर सूदखाेरों ने घर आकर धमकाने और मारपीट जैसी घटनाएं शुरू कर दीं। इससे आहत होकर कृष्ण कुमार सोनी ने पत्नी माया देवी, इंजीनियर बेटे अंकुर और बेटी रीशू को खाने में जहर दिया और उसके बाद खुद भी जहर खाकर जान दे दी थी।

दूसरा मामला मोहल्ला महराजनगर का था। मोहल्ला निवासी लल्लू कश्यप ने भी सूदखोरों से रुपये ब्याज पर लिए थे। ब्याज की रकम अदा न कर पाने की वजह से सूदखोरों ने युवक की जमकर पिटाई कर दी थी। सरेराह हुई पिटाई से परेशान युवक ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं कई घटनाओं में परिजन सूदखोरों की डर से अपनी जुबान ही नहीं खोलते हैं।
रविवार को मोहल्ला कमलापुर शिव काॅलोनी निवासी रामासरे (45) ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रामासरे ने 30 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। कई बार ब्याज की रकम भी दी, लेकिन सूदखोरों का ब्याज बढ़ता रहा। सूदखोर ब्याज और मूलधन वापस करने को दबाव बना रहे थे। सूदखाेरों ने पांच अप्रैल तक पूरा रुपया वापस न करने पर घर से घसीटते हुए ले जाने की धमकी दी थी। परेशान होकर युवक ने मौत को गले लगा लिया।
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