लखीमपुर खीरी। इन दिनों साइबर क्राइम प्रचलित होता जा रहा है। जाने-अनजाने में ओटीपी शेयर करने, लिंक पर क्लिक करते ही खातों को खाली किया जा रहा है।
वहीं, एआई मददगार के साथ ही खतरनाक भी है। पुलिस कभी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। अगर किसी के साथ ऐसा होता है तो वह तत्काल पुलिस को सूचना दे। यह बातें सोमवार को नगर के युवराजदत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि सीओ सिटी विवेक तिवारी ने कहीं।
कॉलेज की छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर ठगी जैसी घटनाओं से बचना चाहते हैं तो उसके लिए जागरूकता बहुत जरूरी है।
जो भी एप फोन में इंस्टाल करें वह केवल गूगल के प्ले स्टोर से ही करें, क्योंकि गूगल 99 प्रतिशत तक एप की सुरक्षा गारंटी लेता है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग लिंक भेजकर भी घटनाओं को अंजाम देते हैं, लेकिन लिंक पर क्लिक न करके उसे कॉपी करते हुए साइबर दोस्त पोर्टल पर जाकर उसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।
बढ़ रहे महिला अपराधों पर बोलते हुए विवेक तिवारी ने कहा कि लड़कियां और महिलाएं घटना को छिपा ले जाती हैं। इसके चलते वह अवसाद में पहुंच जाती हैं और मौत को गले लगा लेती हैं, लेकिन किसी को भी ऐसा करने की जरूरत नहीं है।
महिला अपराध को रोकने और आरोपी को सजा दिलाने के लिए 1090 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा कोतवाली और थानों में महिला हेल्प डेस्क भी है। वहां अपनी समस्या बता सकते हैं।
इस मौके पर शहर कोतवाल हेमंत राय, साइबर थाना प्रभारी रामखेलावन राना के अलावा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमंत पाल, डॉ. सुभाष चंद्रा, प्रोफेसर नीलम त्रिवेदी, प्रोफेसर विशाल द्विवेदी, प्रोफेसर ज्योति पंत सहित कई प्रोफेसर मौजूद रहे।
युवराजदत्त महाविद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला में मौजूद छात्र छात्राएं। संवाद