करसौर गांव के पास बहती शारदा नदी। संवाद
बिजुआ। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे नदी के किनारे बसे गावों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
पिछले साल आई बाढ़ से करसौर ग्राम पंचायत के दो मजरे नया पुरवा और चकपुरवा पूरी तरह कट गए थे। इन गांवों के लोग अब सड़क किनारे रहने के लिए मजबूर हैं। चकपुरवा के सुनील यादव का मकान और कृषि भूमि नदी की कटान में बह गई।
अब करसौर गांव भी खतरे में है। यह गांव शारदा नदी से मात्र 20 मीटर की दूरी पर है। इस दौरान गांव के घरों में 5 से 7 फीट तक पानी भर जाता है। इससे घरों में रखा सामान नष्ट हो जाता है। गांव के शिवकुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में उन्हें भूखे रहना पड़ता है। घरों में पानी भर जाने से बैठने की जगह भी नहीं बचती। उन्हें ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। प्रशासन भोजन की व्यवस्था करता है, लेकिन बाढ़ से होने वाली परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं देता। कई लोगों की जमीन नदी में समा गई है। अब वे मजदूरी करके अपना पेट पाल रहे हैं।