अग्निकांड पीड़ित मुनेन्द्र, सियाराम, भुवनेश्वर का कहना है कि आग लगने की घटनाएं जब भी हुई हैं, सभी आधी रात के बाद या सुबह के समय हुईं। आग लगने का कारण पता नहीं चला है। आग लगने वाले स्थानों पर कोई ज्वलनशील वस्तु भी नहीं होती है, फिर भी आग अपने आप लग जाती है।
इससे प्रतीत हो रहा है कि आग लगाई जा रही है। पीड़ितों ने गांव के एक संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ थाने में शिकायत भी की। पुलिस ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को खुद पहरा लगाने की हिदायत देते हुए पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था, लेकिन बिना कार्रवाई छोड़ दिया।
एसओ बोले- गांव में करा रहे निगरानी
फरधान थाने के एसओ कौशल किशोर ने बताया गांव में एक सुरक्षा समिति गठित की गई है। तीन-तीन घंटे की ड्यूटी कराई जा रही है। ग्रामीणों की मौखिक शिकायत पर एक व्यक्ति को थाने लाए थे, वह मानसिक मंदित लग रहा था, इसलिए छोड़ दिया। आग घरों और खेतों में लग रही है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस गांव में बराबर निगरानी कर रही है।