त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथियों को लेकर भले ही सस्पेंस बना हुआ है,
लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चुनाव पूर्व तैयारियां तेज हो गई
हैं। डीएम किंजल सिंह ने मतपत्रों को लाने और उनके रख-रखाव के लिए चार
अधिकारियों को प्रभार सहित नामित कर दिया हैै। प्रधान, क्षेत्र पंचायत
सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य औैर जिला पंचायत सदस्य पदों पर मतदान में करीब
एक करोड़ चार लाख मतपत्रों की आवश्यकता पड़ेगी, जिसे लाने के लिए सात
अप्रैल को नामित अधिकारी दिल्ली जाएंगे।
बता दें कि 2010 में त्रिस्तरीय
पंचायत चुनाव कराए गए थे। पंचायतों का कार्यकाल अक्तूबर 2015 तक समाप्त हो
रहा है। शासन के निर्देश पर पंचायत राज विभाग से ग्राम पंचायतों का
परिसीमन कराया जा चुका है, जबकि वार्डों के परिसीमन का कार्य जारी है। वहीं
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्र्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं
नगरीय निकाय) ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव के लिए आवश्यक मतपत्रों
की डिलीवरी लेने के लिए आठ अप्रैल 2015 की तारीख निर्र्धारित हो गई है।
इसके लिए डीएम ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी धर्मेंद्र सिंह को कार्यपालक
मजिस्ट्रेट, जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह को प्रभारी अधिकारी (मतपत्र), भूमि
संरक्षण अधिकारी (गोमती) धीरेंद्र सिंह चौधरी को सहायक प्रभारी अधिकारी
(मतपत्र) और सहायक निर्वाचन अधिकारी जाकिर अली को सदस्य नामित किया है।
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डबल लॉक में रखे जाएंगे मतपत्र
मतपत्रों
को लाने के बाद उन्हे सुरक्षा व्यवस्था में रखा जाएगा। डीएम ने वरिष्ठ
कोषाधिकारी की उपस्थिति में मतपत्रोें का परीक्षण/गणना कराने के बाद डबल
लॉक में रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि स्ट्रांग रूम का अभी चयन नहीं
हुआ है।
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कोट..
दिल्ली स्थित एक प्रिटिंग प्रेस से मतपत्रों को
लाने के लिए स्टाफ सात अप्रैल को दिल्ली रवाना होगा, जिसके लिए आवश्यक
तैयारी की जा रही हैै। मतपत्रों का परीक्षण कराने के उपरांत डबल लॉक में
रखवाया जाएगा।
-अमर सिंह, जिला कृषि अधिकारी/प्रभारी अधिकारी