ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य के लिए अंतिम चरण का मतदान छुटपुट घटनाओं को छोड़ शांतिपूर्ण संपन्न हो गया । सुबह धूप निकलने के बाद मतदाताओं की भीड़ बढ़ी और अंतिम समय मतदान 73 प्रतिशत रहा। सुबह नौ बजे तक जहां 17 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। वहीं 11 बजे मतदान प्रतिशत बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया। इसके बाद मतदाताओं का वोट डालने का सिलसिला बढ़ा और दोपहर एक बजे तक 53 प्रतिशत तक मतदान हुआ। एक बजे के बाद तीन बजे तक मतदान का प्रतिशत 66 पहुंच गया। इसके बाद मतदाताओं का उत्साह कम दिखाई दिया और इस कारण अंतिम समय तक मतदान का प्रतिशत करीब 73 प्रतिशत ही पहुंच पाया।
युवाओं में गजब का उत्साह
अंतिम चरण के मतदान में पहली बार वोट डालने वाले युवक और युवतियों का उत्साह देखतेे ही बना। इस उत्सव में हिस्सा लेने वाली ग्राम नगला की गुरजीत कौर, राजविंदर कौर के साथ ही ग्राम मरौंचा के तौहीद अली, हसन रजा, सद्दाम अली, सरादुल रहमान, असद अली, अजमत अली, गुलफाम अली, ग्राम श्रीनगर अतरिया के संदेश कुमार, छोटू, धर्मेंद्र, श्याम कुमार, हरेंद्र कुमार, मनीषा, कबूतरी, सरिता, सुधरी, पूजा के अलावा नौरंगपुर की पवन प्रीत कौर, बलराज सिंह आदि ने पहली बार वोट डालकर खुशी का इजहार किया।
बुजुर्ग और विकलांग भी नहीं रहे पीछे
पंचायत के इस उत्सव में विकलांगों और बुजुर्गों में भी कम जोश नहीं रहा। बुजुर्गों ने अपने घरवालों के साथ जाकर मतदान किया तो विकलांग ट्राई साइकिल से मतदान केंद्र पहुंचे। वहीं कुछ विकलांगों ने एक किलोमीटर की दूरी से बैसाखियों के सहारे आकर वोट डाला। ग्राम मरौचा की 85 वर्षीय वृद्धा पूर्णमासी मतदान केन्द्र पर आई तो उनका जोश देखते ही बनता था। वहीं ग्राम नगला की 75 वर्षीय रामकली अपने पुत्र के साथ साइकिल पर बैठकर मतदान केंद्र पर वोट डालने आईं। इधर ग्राम मेलाघाट के विकलांग अरुण दो किलोमीटर दूर श्रीनगर में बने मतदान कें में ट्राई साइकिल से वोट डालने गए। इसके साथ ही ग्राम बड़गांव के रामपाल व छोटी पलिया के हरचरन ने एक किलोमीटर दूर बने मतदान केंद्र में ट्राईसाइकिलों से पहुंचकर वोट डाला। साथ ही बड़गांव के ही लवकुश यादव भी बैसाखियों के सहारे पोलिंग बूथ पर पहुंचे।
ससुराल से पहुंची वोट डालने
पहली बार ससुराल में आकर वोट डालने वाली नवविवाहिताओं में भी गजब का उत्साह दिखाई दिया। ग्राम नगला की जाहिरा बानो के साथ ही ग्राम मेलाघाट अतरिया की लक्ष्मी, अनीता व प्रतिभा ने शादी के बाद पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आदिवासी महिलाएं आगे आईं
आदिवासी जनजाति थारूक्षेत्र में भी प्रधान व पंचायत सदस्य पदों के लिए हुए चुनाव में पुरुषों की अपेक्षा थारू महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। थारू महिलाओं ने अपने-अपने मतदान केंद्रों में जाकर वोट डाले।
उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटी में बंद
ब्लाक से 76 ग्राम पंचायतों के 538 और पंचायत सदस्य के करीब 1900 उम्मीदवारों का भाग्य अब बक्से में कैद हो चुका है। उनके भाग्य के इस पिटारे को मतदान कर्मियों ने सील कर मंडी समिति स्थित स्ट्रांग रूम में रखवा दिया है। अब उनके भाग्य का फैसला 13 दिसंबर को सामने आएगा।
निघासन में देरी से शुरू हुआ मतदान
निघासन। ब्लाक क्षेत्र में प्रधान और सदस्य पद का निर्वाचन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। हालांकि कई बूथों पर एजेंट बनाने समेत कई अन्य वजहों से सुबह आधे से पौन घंटे की देरी से मतदान शुरू हो सका। कई मतदान स्थलों को मिलाकर एक केंद्र बनाने के कारण वहां पर लाइन लगी रही। सिंगाही और निघासन में पुलिस ने करीब सौ नाबालिग वोटरों को पकड़कर बैठाया। हालांकि उनको पोलिंग खत्म होने के बाद शाम को डांटकर छोड़ दिया गया। मतदान का जायजा लेने पहुंचीं डीएम किंजल सिंह ने भी पकड़े गए नाबालिग वोटरों से पूछताछ की।
निघासन ब्लाक की 66 ग्राम पंचायतों में सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। हालांकि पंचायत का प्रधान चुनने के लिए सुबह छह बजे से ही मतदाता लाइन लगने शुरू हो गए थे लेकिन कर्मचारियों की धीमी गति के कारण मतदाताओं को काफी देर तक बूथ के बाहर लाइन में खड़ा होना पड़ा। आखिरी चरण के मतदान के लिए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था काफी चुस्त रही। कई संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस और प्रशासन ने कड़ी नजर रखी। इलाके में तमाम वृद्ध, विकलांग और नए वोटरों ने भी पंचायत चुनाव में उत्साह से हिस्सा लिया। शारीरिक रूप से कमजोर लोग परिवार के सदस्य के सहारे वोट डालने पहुंचे थे। इस बीच पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर रही डीएम किंजल सिंह, एसपी अखिलेश चौरसिया ने कई मतदान केंद्रों पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने कुछ जगहों पर पीठासीन अधिकारियों को तेज गति से काम करने का निर्देश दिया। सुबह कई जगह कोहरा छाया हुआ था। इस कारण सुबह कम वोटर पहुंचे। दोपहर तक कई बूथों पर सन्नाटा छा गया था। दोपहर बाद बूथों पर महिलाओं सहित अन्य लोगों की भीड़ उमड़ी।
बूथ पर वोट मांगने पर नाराज लोगों का हंगामा
दो बूथों पर बिना बढ़े हुए मतदाताओं वाली वोटर लिस्ट होने से वोटरों को काफी भटकना पड़ा। वहीं बेलरायां के भिड़ौरी बूथ पर एक प्रत्याशी के वोट मांगने से नाराज लोगों ने हंगामा काटा और एसडीएम को सूचना दी। जिसके बाद पहुंचे एसडीएम ने वहां पर भीड़ को खदेड़ा और काफी देर तक वहां रुके रहे।
गड़बड़ी करने वालों को पुलिस ने थाने में बैठाया
मिर्जागंज गांव के पोलिंग बूथ पर जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत चुनाव के दौरान हुई चाकूबाजी को देखते हुए पुलिस यहां के दोनों पक्षों के मुश्ताक और आरिफ को सुबह ही वोट डलवाकर निघासन थाने ले आई थी। पुलिस को इनसे गड़बड़ी की आशंका थी।
बुर्का पहनकर वोट डालने की कोशिश, पुलिस ने पकड़ा
एसओ डीके यादव ने बम्हनपुर पोलिंग बूथ पर बुर्का पहनकर वोट डालने की कोशिश कर रहे नौ युवकों को पकड़ लिया। पुलिस और अन्य चुनाव अधिकारियों ने हर मतदान केंद्र पर लाइन में लगे नवयुवकों पर शक होने पर उनकी आयु का प्रमाण मांगकर चेकिंग की। जिसके बाद नौ बुर्काधारी युवक पकड़े गए। इसी दौरान निघासन और सिंगाही पुलिस ने करीब सौ नाबालिग लड़कों को पकड़ा। सभी फर्जी रूप से वोट डालने के लिए लाइन में लगे हुए थे। इनको थाने ले जाया गया। शाम को मतदान खत्म होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
कई मतदान केंद्र पर रही अव्यवस्था
भिड़ौरी और रकेहटी के सुक्खनपुरवा बूथ पर पीठासीन अधिकारी के पास मौजूद मतदाता सूची में नए वोटरों के नाम शामिल नहीं थे। इससे वहां वोट डालने पहुंचे नए वोटरों को भटकना पड़ा। बाद में वहां बढ़े वोटरों वाली सूची भी भेजी गई। दुबहा और शिवलालपुरवा गांवों में कई वार्डों के एक हजार से ज्यादा वोटरों को मिलाकर एक बूथ बना दिया था। वहां इस कारण मतदाताओं की काफी देर तक लाइन लगी रही। निघासन में एक बूथ में तीन और सात वार्ड शामिल कर दिए जाने से वहां भीड़ रही। परमोधापुर के एक बूथ पर मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने वाला और बैलेट बाक्स देख रहे कर्मचारी ने कई महिलाओं के वोट पर खुद ही मोहर लगा दी। इस पर आपत्ति करते हुए उम्मीदवारों ने एसडीएम से शिकायत की।
प्रधान प्रत्याशी को धुना
धरमापुर पोलिंग बूथ पर एक प्रत्याशी अपने समर्थन में वोट मांग रहा था। वहां पर मौजूद लोगों ने उसे वोट मांगने से मना किया। न मानने पर नाराज लोगों ने उसकी लात घूसों से जमकर पिटाई कर दी। इसी बीच पुलिस के आने पर लोग तितर-बितर हो गए। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है।