फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘युवा अपने देश की मौलिक संस्कृति से जुड़ें तभी भारत बनेगा विश्वगुरु’

Thu, 10 Dec 2015 10:36 PM IST
लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
विज्ञापन
शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम ने कहा कि युवा देश की मौलिक संस्कृति से जुड़ें तभी देश एक बार फिर विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह अफसोसजनक है कि आज का युवा लक्ष्यहीन जीवन जी रहा है। उन्हें अपने महापुरुषों के आदर्श को लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
विज्ञापन

स्वामी राजराजेश्वराश्रम शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी प्रेम शंकर अग्रवाल के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले नौजवानों के सामने देश को आजाद कराना लक्ष्य था। इसलिए देश में सरदार भगत सिंह, सरदार पटेल और महात्मा गांधी जैसे राष्ट्रनायक हुए जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान देकर देश को आजाद कराया। आजादी के बाद नौजवानों के सामने समाज परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण लक्ष्य होना चाहिए था वह नहीं हो सका। आज नौजवान आदर्शवाद को ढकोसला मानते हैं।
उन्होंने कहा कि आज युवाओं के सामने राजनेता अच्छे उदाहरण पेश नहीं कर पा रहे हैं। आज के आदर्श तेलगी, हर्षद मेहता, नटवरलाल जैसे लोग हैं। इससे समाज भी वैसा ही बनता जा रहा है। बेहतर हो कि युवा देश के इतिहास को पढ़ें। अपने महापुरुषों के बारे में पढ़े, क्रांतिकारियों का इतिहास पढ़ें। देश की मौलिक संस्कृति को जानने की कोशिश करें, उससे जुड़ें  ताकि उनमें भी वही आदर्श जागृत हो और देश मजबूत हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें