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पलिया पालिकाध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार फिर सीज

Thu, 06 Oct 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
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palika - फोटो : amar ujala
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- डीएम कर रहे मंत्रणा, शुक्रवार को दिया जाएगा चार्ज
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- पुरानी शिकायत पर हुए हैं पुन: आदेश
- वर्ष 2015 में भी हुए थे अधिकार सीज
एक बार फिर पालिकाध्यक्ष पलिया केबी गुप्ता के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। इसमें अभी तक किसी को चार्ज नहीं दिया गया है। देर शाम डीएम आकाशदीप ने पुष्टि करते हुए बताया कि वह मंत्रणा कर रहे हैं। शुक्रवार को किसी को चार्ज दिया जा सकता है। बता दें कि यह आदेश उसी शिकायत पर है जिस पर वर्ष 2015 के माह सितंबर में उनके अधिकार सीज कर दिए गए थे। इसके बाद पालिकाध्यक्ष को हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया था। पालिकाध्यक्ष के अधिकार एक बार फिर सीज होने से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता पर एक ठेकेदार रमेश चंद्र मिश्रा ने अनियमितता और भ्रष्टाचार के तमाम गंभीर आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत दर्ज कराई थी। इसको लेकर सितंबर वर्ष 2015 में एक आदेश जारी हुआ था। इसमें नगर विकास अनुभाग छह सचिव श्रीप्रकाश सिंह की ओर से जारी आदेश पत्र में उनके ऊपर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उनके वित्तीय अधिकार सीज करने के आदेश दिए गए थे। इस पर डीएम ने पालिकाध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज करते हुए यह अधिकार सदर के तत्कालीन एसडीएम आलोक वर्मा को सौंपे थे। इस मामले में पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली थी और एक आदेश के तहत उनके अधिकारों की बहाली हो गई थी। उसी मामले में शासन ने फिर से कार्रवाई करते हुए उनके वित्तीय अधिकारों को सीज कर दिया है। यह पत्र नगर विकास अनुभाग के संयुक्त सचिव सुधीर सिंह चौहान की ओर से जारी हुआ है और इसमें 15 दिन के भीतर फिर स्पष्टीकरण देने की बात कही गई है। कहा गया है कि अगर दी गई तारीख में स्पष्टीकरण नहीं मिलता है तो फिर मान लिया जाएगा कि उनको बचाव में कुछ नहीं कहना है और फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पत्र में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया गया है। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से अभी किसी को चार्ज नहीं दिया गया है। फिलहाल एक बार फिर से पालिकाध्यक्ष के अधिकारों को सीज कर दिए जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
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वही हैं आरोप
1. विद्युत सामग्री बाजार भाव से अधिक खरीदकर रुपए 10,23,110 की वित्तीय क्षति पहुंचाया जाना।
2. सफाई उपकरण के लिए ठेलिया रिक्शा के क्रय करने में रुपये 3,82,500 की वित्तीय क्षति, पेयजल के लिए तीन हजार लीटर एवं पांच हजार लीटर के वाटर टैंकर के क्रय करने में कुल रुपये 2,13,000 की क्षति पहुंचाना एवं सोनालिका ट्रैक्टर के क्रय कराने में 51,000 रुपये की वित्तीय क्षति पहुंचाना।
3. फर्जी नियुक्तियां कर उनके नाम से वेतन आहरित कर नगर पालिका परिषद को वित्तीय क्षति पहुंचाना।

इन सभी में पालिकाध्यक्ष ने दिया है स्पष्टीकरण
सभी आरोपों का जवाब पालिकाध्यक्ष की ओर दिया गया है और वह बयान भी आदेश में दर्ज हैं और पूरा विवरण भी दिया गया है लेकिन साथ उनके जवाबों की समीक्षा भी दर्ज की गई और इसमें संतुष्टि नहीं दर्शाते हुए आरोपो को सही बताया गया है।
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कोर्ट का ही सहारा लेंगे पालिकाध्यक्ष
पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उनको जो पता चल रहा है वह सोशल मीडिया से चल रहा है, जिसके मुताबिक पुराने आरोपों पर कार्रवाई हुई है। कहते हैं कि जब उन्हीं आरोपों को लेकर बहाली हो चुकी है तो फिर कैसे कार्रवाई की जाएगी। कहा कि उन्हें न्यायपालिका में विश्वास है और उसी का सहारा लेंगे।
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