पलियाकलां। लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने ईसाई मिशनरी के लोगों पर लखीमपुर खीरी व पीलीभीत के सिखों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है। अब पलिया गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा समिति भी सजग हो गई है।
कमेटी के पदाधिकारियों ने आपसी वार्ता के बाद बैठक करने की बात कही है। बैठक के जरिये आगे की रणनीति तैयार करने के साथ ही अगर पलिया क्षेत्र में धर्मांतरण की बात सही है, तो दोबारा से उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसको लेकर बैठक में ही आगे की रणनीति तैयार करने की बात कही जा रही है।
बता दें कि लखनऊ में शुक्रवार को लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार राजेंद्र सिंह बग्गा, कार्यवाहक अध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह जग्गी ने प्रेस वार्ता की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि ईसाई मिशनरी के लोग सिख समाज के लोगों का धर्मांतरण कराने का कार्य कर रहे हैं। पीलीभीत व खीरी जिले के पलिया व निघासन में धर्मांतरण कराया जा रहा है।
मामले की जानकारी होने के बाद पलिया गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा ने जल्द ही बैठक करने की बात कही गई है। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के सेक्रेटरी कमलजीत सिंह ने बताया कि मामला देरी से संज्ञान में आया। पदाधिकारियों से वार्ता की गई है और जल्द ही इसको लेकर एक बैठक का आयोजन किया जाएगा।
वार्ता में रणनीति तैयार करते हुए आगे का कार्य किया जाएगा। पलिया क्षेत्र में अगर धर्मांतरण हो रहा है तो जो सिख भाई गए हैं तो उनकी घर वापसी कराई जाएगी। एक-दो दिन में बैठक की सूचना दी जाएगी। सिख समाज एकजुट है और वह धर्मांतरण का विरोध करता है।
नेपाल में भी मिल चुके हैं ऐसे मामले
प्रेस वार्ता में लखनऊ गुरुद्वारा कमेटी द्वारा कहा गया था कि नेपाल से आ रहे पास्टरों पर रोक नहीं है, लेकिन ऐसे मामले नेपाल में भी देखने को मिले हैं। अभी हाल ही में अस्पताल के नाम पर धनगढ़ी कैलाली में एक पास्टर द्वारा चर्च खोल दिया गया था। जिसके बाद स्थानीय लोगों के विरोध में बाद प्रशासन द्वारा उसको बंद कराते हुए पास्टर समेत कई लोगों पर कार्रवाई की थी।
खुली सीमा का फायदा उठाते हैं मिशनरी के लोग
नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाने में भी मिशनरी के लोग पीछे नहीं हटते हैं। थारू क्षेत्र के कई गांवों में थारू सूत्रों की मानें तो किन्हीं कारणवश ईसाई धर्म अपनाए हुए हैं और घरों में चर्च तक खोले हुए हैं। जिसका प्रमाण भी देखने को मिला है।