धान खरीद: जुगाड़ के आगे ऑनलाइन फीडिंग भी फेल
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
मिल मालिकों ने निकाली एजेंसियों की हवा
जिले भर में खोले गए 97 क्रय केंद्रों पर धान खरीद ठप होने के पीछे कारणों को लेकर अभी रहस्य बना हुआ है तो जिम्मेदार अफसर भी मौन साधकर किसानों की बर्बादी का तमाश देख रहे हैं। क्रय एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर नोटिस तक जारी नहीं की गई है। धान खरीद बंद होने से मिल मालिकों पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है तो वहीं क्रय केंद्र प्रभारियों की नीयत पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जहां धान रिजेक्ट कर किसानों को बैरंग किया जा रहा है।
सरकार ने इस जिले में धान खरीद का लक्ष्य दो लाख 65 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया है, जिसे पूरा करने के लिए सभी एजेंसियों का खरीद लक्ष्य तय किया गया है। सरकारी एजेंसियों ने तीन नवंबर 2016 तक सिर्फ 3254 मीट्रिक टन धान खरीदा है। पीसीएफ ने घोषित तौर पर धान खरीद बंद कर रखी है। अन्य एजेंसियों सोसाइटी, यूपी स्टेट एग्रो, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपी कोआपरेटिव यूनियन और एफसीआई ने अघोषित तौर पर धान खरीदना बंद कर रखा है। सूत्र बताते हैं कि मिल मालिकों के सख्त रुख से इस बार सरकारी एजेंसियों की हालत खराब हुई है, जिससे प्रदेश सरकार बैकफुट पर है। जबकि मिल मालिक एवं मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता इन आरोपों से इंकार करते हुए उल्टे एजेंसियों की नीयत में ही खोट बता रहे हैं। स्थिति चाहे जो हो, लेकिन किसानों का दम निकला जा रहा है। सूत्रों की माने तो एजेंसियों ने क्रय केंद्रों को धान खरीद करने के लिए धनराशि रिलीज नहीं की है, जिससे एजेंसियों की मंशा पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
धान खरीद केंद्र बंद मिलने पर प्रभारी के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। क्रय केंद्रों को पैसा आवंटित करने और अवकाश पर गए कर्मचारियों की जगह वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश एजेंसियों को दिए गए हैं। शनिवार को कई क्रय केंद्रों पर धान खरीद हुई है। सोमवार से क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा।
-उमेश नरायण पांडेय, एडीएम