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Lakhimpur Kheri News: धान खरीद... 42 दिन में महज 5.7 फीसदी खरीद कर पाए

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लखीमपुर खीरी। एक अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद को 42 दिन हो चुके हैं। अधिकांश केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है, लेकिन आढ़तें गुलजार हैं। जिले के 1,95,000 मीट्रिक टन धान खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5.7 फीसदी यानी 11,227 मीट्रिक टन खरीदा गया है। हालांकि अभी केंद्रों पर 31 जनवरी तक धान खरीद चलेगी।
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राजापुर मंडी सहित जिले के 137 केंद्रों पर धान खरीद चल रही है। इन केंद्रों पर सिर्फ 17 फीसदी नमी वाला गेहूं खरीदा जा रहा है। सरकारी नियमों की झंझटों से बचने और नकद भुगतान के लिए किसान आढ़तों की ओर रुख कर रहे हैं। केंद्रों पर किसानों की संख्या कम होने से अधिकारियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
विभागीय अधिकारियों का दावा है कि क्रय केंद्र प्रभारी और लेखपाल किसानों से लगातार संपर्क कर सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके बाद भी मंडी में केंद्र प्रभारी किसानों के आने का इंतजार ही करते रहते हैं।
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शासन स्तर से शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश हैं। ऐसे में अधिकारी किसी भी तरीके से लक्ष्य के आसपास पहुंचने की रणनीति बना रहे हैं। किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर सामान्य धान 2300 और ग्रेड ए वाला धान 2320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।
वहीं, आढ़तिये एमएसपी से 500 रुपये क्विंटल कम मूल्य पर करीब 1800 से 1900 रुपये तक में धान खरीद कर रहे हैं। इस वजह से किसानों को फसल का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

पिछले वर्ष 60:40 में फसल बांटने का था समझौता
पिछले वर्ष लक्ष्य की पूर्ति के लिए मंडी के आढ़तियों और अधिकारियों ने हर किसान से खरीदी गई फसल का 60 प्रतिशत सरकारी क्रय केंद्रों को देने और 40 प्रतिशत खुद रखने का समझौता किया था। आढ़तियों ने कम मूल्य पर फसल खरीद कर केंद्रों से एमएसपी का मूल्य लिया था। इसमें राइस मिलर्स की भूमिका संदिग्ध रही थी।

अब तक 11,227 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। ज्यादा से ज्यादा किसान केंद्रों पर आएं, इसे लेकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। एमएसपी से कम मूल्य पर किसान फसल न बेचें। क्रय केंद्रों पर 24 घंटों के भीतर भुगतान किसान के खातों में भेज दिया जाता है।
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संतोष पटेल, डिप्टी आरएमओ
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