बेमौसम बारिश और बाढ़ से 50 प्रतिशत धान की फसल नष्ट होने का अनुमान
लखीमपुर खीरी। डीएम समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की लगातार निगरानी से सरकारी धान खरीद में थोड़ी तेजी जरूर आई है, लेकिन मंडियों में धान की कुल आवक के सापेक्ष सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद कम ही है। धान खरीद शुरू होने के बाद करीब डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद क्रय केंद्रों के माध्यम से 7772 किसानों का 57782.33 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है, जिसमें मंडियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में खुले क्रय केंद्र शामिल हैं। वहीं छह मंडियों में अब तक 34262.46 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है।
जनपद के किसानों से सीधे धान खरीदने के लिए 150 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिनमें से 75 प्रतिशत क्रय केंद्र मंडियों में संचालित किए गए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों को शामिल किया गया है, जिससे कई बड़े कस्बों में इस वर्ष क्रय केंद्र नहीं खुल सके हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त भाड़ा व समय की मार झेलनी पड़ रही है। राजापुर मंडी में संचालित पीसीयू के क्रय केंद्र द्वितीय पर 71 किसानों से 5188.60 क्विंटल धान खरीदा गया है। मंडी के क्रय केंद्र पर 104 किसानों से 7791 क्विंटल धान खरीदा गया है। पीसीयू प्रथम क्रय केंद्र पर 56 किसानों से 3898 क्विंटल धान खरीदा गया है।
पीसीयू के ही अन्य क्रय केंद्र पर 67 किसानों से 6823 क्विंटल धान खरीदा गया है। एफसीआई के क्रय केंद्र पर 36 किसानों से 2799 क्विंटल धान खरीदा गया है। सूत्र बताते हैं कि 15 दिसंबर के बाद धान की आवक एकाएक घट जाएगी, जिसके बाद धान खरीद का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि पीक समय में ही करीब 58 हजार मीट्रिक टन धान खरीद हो पाई है। हालांकि धान खरीद के लिए 31 जनवरी 2022 तक क्रय केंद्र खुले रहेंगे। पिछले वर्ष 2.55 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, जिसे इस वर्ष प्राप्त करना मुश्किल होगा।
राजापुर मंडी में बहराइच और सीतापुर से आ रहा धान
राजापुर मंडी में धान की आवक अच्छी है, जिससे अभी तक 11430 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। मंडी सचिव बताते हैं कि पड़ोसी जनपद बहराइच व सीतापुर से भी धान की आवक हो रही है, जिसे ग्राम व्यापारी ला रहे हैं। इसलिए इस धान की बिक्री आढ़तियों के पास होती है। क्रय केंद्रों पर सिर्फ जनपद के किसानों से खरीद की जाती है।
अक्तूबर में हुई बेमौसम बारिश व बाढ़ के कारण पलिया, निघासन, धौरहरा समेत लखीमपुर व गोला क्षेत्र में धान की 50 प्रतिशत फसल नष्ट होने का अनुमान है। इस कारण क्रय केंद्रों पर धान की आवक कम है, जिससे खरीद भी कम हो पा रही है। फिर भी लक्ष्य के अनुरुप किसानों का धान खरीदने का प्रयास किया जाएगा।
गोला मंडी में डीएम-एसपी ने क्रय केंद्रों का किया निरीक्षण
गोला/लखीमपुर खीरी। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व एसपी संजीव सुमन ने शनिवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति गोला में जाकर धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने किसानों से फीडबैक लेकर धान खरीद की हकीकत जानी।
मंडी में स्थापित साधन सहकारी समिति ममरी क्रय केंद्र पर मौजूद ग्राम धौरहरा खुर्द के किसान कुलविंदर सिंह से फीडबैक लिया। डीएम के पूछने पर किसान कुलविंदर ने बताया कि उन्होंने अपना 55 क्विंटल धान बेचा है। डीएम ने किसान से बातचीत के दौरान कहा कि अपने आसपास के अन्य किसानों को क्रय केंद्रों पर अपना धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए प्रेरित करें। निरीक्षण के दौरान एसएसएस क्रय केंद्र के प्रभारी आसाराम ने बताया कि आज तीन किसानों से 166 क्विंटल धान खरीदा है। इस दौरान दोनों अफसरों ने मंडी में स्थापित एक-एक क्रय केंद्र पर जाकर अब तक व आज कितनी मात्रा में कितने किसानों से खरीद की गई की जानकारी ली। इस दौरान वह मौजूद किसानों से फीडबैक भी लेते रहे।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने निर्देश दिए कि मंडी में स्थापित सभी क्रय केंद्रों पर किसानों को धान बेचने में फैसिलिटेट किया जाए। मानकयुक्त धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय केंद्रों के जरिए खरीदना शासन की शीर्ष प्राथमिकता है। मंडी सचिव सभी क्रय केंद्र प्रभारी के जरिए यह सुनिश्चित करें कि मानकयुक्त धान को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए। इसे प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराया जाए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वही मानक विहीन धान को नीलामी प्रक्रिया के जरिए वाजिब मूल्य दिलवाया जाए। निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता सूर्य नारायण मिश्र एवं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी मौजूद रहे।
राजापुर मंडी में धान क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा।