लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र में 30 से अधिक लोग ठगी का शिकार हो गए। मोटे मुनाफे के लालच में फंसकर करीब 10 करोड़ रुपये गंवा बैठे। टीम लीडर और उसके सहयोगी को पकड़कर शिकायतकर्ता कोतवाली लाए, जहां पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जाता है कि बॉम्बिटेक एक्सचेंज और बीमैक्स रियल्टी नामक कंपनी में पीड़ितों ने निवेश किया था। रिफंड नहीं आया तो उन्हें ठगी की जानकारी हुई।
कंपनी ने एकमुश्त जमा रकम पर हर महीने साढ़े सात प्रतिशत ब्याज देने का झांसा देकर निवेश कराया था। ठगी के शिकार हुए नृपेंद्र कुमार मौर्य, कृष्ण कुमार गुप्ता, लक्ष्मी देवी, विकास कुमार यादव, प्रभात कुमार अवस्थी, प्रवीण श्रीवास्तव अनुराग तिवारी आदि ने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि थाना मितौली के गांव राजेपुर निवासी जय प्रकाश मौर्या अपने अन्य साथियों के साथ लखीमपुर खीरी के साथ ही आसपास के अन्य जिलों में लगातार सेमिनार करता था।
बॉम्बिटेक एक्सचेंज और बीमैक्स रियल्टी नामक कंपनी और उसकी वेबसाइट के जरिये लोगों को क्रिप्टो ट्रेडिंग और अन्य स्कीमों में पैसा लगाने के लिए लालच देता था। ज्यादा ब्याज और अच्छे मुनाफे के चलते शहर के 30 से अधिक लोगों ने इसमें रुपये निवेश किए। किसी ने दो लाख तो कुछ लोगों ने 25 लाख रुपये तक कंपनी को दिए।
पीड़ितों के मुताबिक, शुरुआती कुछ महीनों में तय ब्याज के हिसाब से रिफंड मिला, लेकिन जुलाई, 2025 के बाद कंपनी ने रिफंड देने वाले विकल्प को बंद कर दिया। कई बार के प्रयास के बाद भी जब रिफंड नहीं मिला तो पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।
उनका कहना था कि जय प्रकाश मौर्या कंपनी का सीएमडी बताया जा रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही नीमगांव थाना और जिला एटा में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, जो न्यायालय में लंबित हैं। शहर कोतवाल हेमंत राय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। तहरीर मिली है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दुबई भाग गया कंपनी का मालिक
-खीरी जिले के साथ ही पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर सहित कई जिलों में अपना नेटवर्क फैलाए बॉम्बिटेक एक्सचेंज कंपनी के कर्मचारियों ने मासूम लोगों को मोटे ब्याज का लालच देकर उन्हें अपनी ठगी का शिकार बनाया। पीड़ितों का कहना है कि कंपनी का मालिक एकाध महीने पहले ही दुबई भाग गया है। हालांकि, कुछ टीम लीडरों के साथ वह सीधे संवाद बनाए हुए है। इसके जरिये ही वह अन्य लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा है।
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लखनऊ से दो कर्मचारी होटल में करते थे बैठक
-कंपनी की ओर से मिली एक लग्जरी कार के जरिये बॉम्बिटेक एक्सचेंज के दो कर्मचारी यहां आते थे। एक ने खुद को टीम लीडर बताया था। दोनों शहर के एक होटल में रुककर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। उनके दोबारा आने की जानकारी होने पर पीड़ितों ने होटल पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया और कोतवाली ले आए। इसमें वीरेंद्र भटनागर और दुर्गेश शर्मा के नाम सामने आए हैं। पुलिस दोनों की दस्तावेज लेकर जांच कर रही है।
मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
पवन गौतम, एएसपी