प्रत्येक विद्यालय स्तर पर बनेगी छह सदस्यीय समिति
शैक्षिक गुणवत्ता में लाया जा सकेगा सुधार
परिषदीय विद्यालयों में पारदर्शिता, सहभागिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सोशल ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए शनिवार को जनपद स्तरीय समिति के उपाध्यक्ष/सीडीओ अमित सिंह बंसल की अगुवाई में बैठक कर रूपरेखा तैयार की गई। सभी बीईओ को विद्यालयों में 15 नवंबर 2016 तक छह सदस्यीय समिति का गठन कराने के निर्देश दिए गए। ताकि समय से पहले समिति सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके बाद पांच से 20 दिसंबर 2016 तक सभी विद्यालयों में सोशल ऑडिट किया जाएगा।
विकास भवन में सीडीओ ने कहा कि ब्लाक स्तरीय समितियों को गठन शीघ्र करा लें, जिसके बाद विद्यालय स्तरीय समितियों की गठन 15 नवंबर 2016 तक हर हाल में करा लें और निर्धारित प्रारूप पर प्रत्येक विद्यालय की लॉगिन आईडी बनाकर कंप्यूटर फीडिंग कराएं। सीडीओ ने इस तकनीकी कार्य के लिए जिला सूचना विज्ञान अधिकारी का सहयोग प्राप्त करने के निर्देश दिए। बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि सोशल ऑडिट प्रपत्र छपवाने के लिए कुटेशन मांगे गए हैं। बीईओ के माध्यम से 15 से 20 नवंबर 2016 तक विद्यालय प्रबंध समिति की बैठकें कराई जाएंगी, जिसमें एबीआरसी एवं एनपीआरसी द्वारा सोशल ऑडिट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। बीएसए ने सभी बीईओ को 30 नवंबर 2016 तक ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) राजीव दुबे समेत सभी ब्लाकों के बीईओ मौजूद रहे।
विद्यालय स्तरीय समिति में रहेंगे छह सदस्य
सोशल आडिट के क्रियान्वयन एवं प्रशिक्षण की जिम्मेदारी ब्लाक स्तरीय समिति को दी गई है। जबकि असल कार्य विद्यालय स्तरीय समिति करेगी। छह सदस्यों वाली समिति में एसएमसी का एक सदस्य, एक अभिभावक, एसएमसी का उपाध्यक्ष, एक शिक्षक (जो एसएमसी में न हो), एक ग्राम पंचायत सदस्य/वार्ड सदस्य और एनजीओ/सेवानिवृत्त शिक्षक या कर्मचारी को शामिल किया जाएगा।
सोशल ऑडिट के लिए व्यापक स्तर पर ग्रामीणों/अभिभावकों की सहभागिता जरूरी है, जिससे शिक्षा के अधिकार अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। विद्यालय की स्थिति सुधार और शैक्षिक गुणवत्ता लाने के लिए सोशल ऑडिट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए