किशनपुर अभयारण्य में उछल-कूद करते ऊदबिलाव। स्रोत : वन विभाग
बांकेगंज (खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में समृद्ध हो रही जैव विविधता के बीच गश्ती दलों को दो दिन पहले जंगल के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में ऊदबिलाव दिखाई दिए हैं। इतनी अधिक संख्या में यह स्तनधारी प्राणी दुधवा में पहली बार देखे गए हैं।
वर्ष 2026 की शुरुआत में जनवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाली वन्यजीवों की गणना में इन्हें भी शामिल करने की तैयारी है, ताकि उसी के अनुसार इनके संरक्षण और संवर्धन की योजना बनाई जा सके। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में स्तनधारी ऊदबिलाव पाए जाते हैं, लेकिन पहली बार दुधवा नेशनल पार्क के किशनपुर अभयारण्य, दक्षिण सोनारीपुर रेंज के अलावा भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगलों के अंदर इतनी बड़ी संख्या में इनके दिखने से वनाधिकारियों, फील्ड कर्मियों और वन्यजीव प्रेमियों में काफी खुशी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन और उप निदेशक दुधवा जगदीश आर बृहस्पतिवार को किशनपुर अभयारण्य में भ्रमण के दौरान झादीताल के पास बड़ी संख्या में ऊदबिलाव के कुनबे को ऊछल-कूद करते देखकर दंग रह गए। दाेनों अधिकारियों ने इनकी तस्वीर और वीडियो कैमरे में कैद किए। रेंजर सुरेंद्र कुमार ने दक्षिण सोनारीपुर रेंज में भी बड़ी संख्या में इनकी मौजूदगी की सूचना एफडी को दी।
एफडी का कहना है कि बड़ी संख्या में इनके दिखने से इस बात का पता चलता है कि दुधवा में ऊदबिलाव का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। यह एक अर्धजलीय स्तनधारी है, जो नेवला परिवार से संबंधित है। यह मांसाहारी होते हैं। मछली, केकड़ा, सांप और अन्य छोटे जलीय जीव खाकर अपना जीवनयापन करते हैं। यह काफी सामाजिक होते हैं, जो अक्सर बड़े समूहों में रहते हैं। जलाशयों के किनारे भूमि में अपना बिल बनाते हैं। वन कर्मियों की टीमें गठित कर लगातार इनकी निगरानी के निर्देश दिए गए है।