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Lakhimpur Kheri News: ओटीपी तो कहीं आधार व खतौनी के नाम में अंतर होने से कईयों की अटकी रजिस्ट्री

Mon, 02 Feb 2026 11:15 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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आनंद कुमार गुप्ता
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लखीमपुर खीरी। बैनामों में आधार सत्यापन की नई व्यवस्था शुरू होने के पहले दिन लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कहीं ओटीपी न आने की समस्या रही तो कहीं आधार व खतौनी के नाम में अंतर होने से कईयों की रजिस्ट्री का काम अटक गया। सामान्य दिनों की अपेक्षा 10 से 15 प्रतिशत रजिस्ट्री में अंदर देखने को मिला है। हालांकि विभागीय अफसरों का दावा कि नई व्यवस्था के तहत कोई विशेष दिक्कतें नहीं आई है। सामान्य दिनों की तरह ही बैनामें हुए हैं।
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जिले में सात रजिस्ट्री कार्यालय है। अनुमानित रोजाना 120 से 130 या इससे अधिक भी बैनामें होते हैं, लेकिन सोमवार को आधार सत्यापन की नई व्यवस्था के चलते 103 ही बैनामें हो सके। अब तक बिना आधार सत्यापन बैनामें होते रहे, लेकिन सोमवार से रजिस्ट्री कार्यालयों में ही आधार सत्यापन में सब ओके होने पर ही बैनामें किए गए। नई व्यवस्था के तहत मितौली, गोला, धौरहरा, मोहम्मदी तहसीलों में तो कार्य सामान्य दिनों की तरह ही रहा, लेकिन सदर, पलिया व निघासन में बैनामें काफी कम हो पाए। ओटीपी की समस्या रही तो कहीं आधार व बैनामों के दस्तावेजों के नाम का अंदर होने से बैनामों का ग्राफ नहीं बढ़ सका। कईयों को वापस लौटना पड़ा। सदर तहसील में रोजाना 30 से 35 तक बैनामें होते, लेकिन सोमवार को मात्र नौ ही हो पाए। 20 से अधिक लोगों को लौटना पड़ा। यही हाल निघासन का रहा। यहां पर रोजाना 15 से 20 बैनामों की सापेक्ष चार ही हो सके। पलिया में रोजाना 25 से अधिक बैनामों के सापेक्ष सोमवार को छह ही हो सके।
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एक नंबर बैनामों की संख्या पर
सदर में नौ, गोला में 24, मोहम्मदी में 20, मितौली में 15, पलिया में 06, निघासन में चार व धौरहरा में सबसे अधिक 25 बैनामें हुए हैं।

अधिकांशों को नहीं पता आधार में कौन सा लगा नंबर
-बैनामों की प्रक्रिया में ओटीपी की एक बड़ी समस्या देखने को मिली। कईयों के पंजीकरण के दौरान ओटीपी न आने से बैनामें की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। कईयों को नहीं पता था कि उनके आधार में किसी का मोबाइल नंबर लगा है। पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान आधार नंबर डालने पर संबंधित मोबाइल पर ओपीटी आती है।
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आधार प्रक्रिया सही है, लेकिन नेटवर्क की एक बड़ी समस्या रही है। ओटीपी के बाद ही आधार का सत्यापन संभव है, लेकिन ओपीटी आने में दिक्कतें रही। आधार सत्यापन व्यवस्था से फर्जीवाड़े की आशंका नहीं रहेगी।
-अधिवक्ता आनंद कुमार गुप्ता, बैनामा लेखक


आधार सत्यापन की नई व्यवस्था काफी अच्छी है। इससे अब कोई भी फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे। आधार व दस्तावेजों के नाम में अंतर होने से दिक्कतें आई है।
-विनोद कुमार, स्टाम्प विक्रेता
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वर्जन

आधार सत्यापन की नई से कोई खास दिक्कतें नहीं आई और न ही बैनामों पर कोई असर रहा। धीरे-धीरे व्यवस्थाएं और बेहतर हो जाएगी। आधार सत्यापन व्यवस्था होने से फर्जीवाड़े की कोई आशंका नहीं रहेगी।
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-अमिताभ कुमार, एआईजी स्टांप

आनंद कुमार गुप्ता

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