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समाधान दिवस में सीओ ने किया ओआर, फरियादी लौटे

Sat, 17 Dec 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो निघासन।
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samadhan - फोटो : amar ujala
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बेगानों की तरह कबाड़ के पास बैठे रहे लेखपाल, मात्र एक शिकायत दर्ज
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थानों पर होने वाले समाधान दिवस में समस्या का निराकरण न होने से फरियादियों का मोह भंग हो रहा है। वहीं सीओ ने समाधान दिवस के दिन ही सर्किल के सभी थाने और चौकियों की फोर्स बुलाकर अर्दली रूम किया। पुलिस की फौज देखकर कई फरियादी थाने के बाहर से लौट गए। रजिस्टर में मात्र एक शिकायत ही दर्ज हो सकी।
शनिवार की सुबह ही थाने के गेट पर समाधान दिवस का बैनर टांग दिया गया। करीब 10 बजे तहसील क्षेत्र के करीब पांच दर्जन से अधिक लेखपाल थाने में आए। सीओ सुधीर कुमार सिंह करीब साढ़े दस बजे थाने पहुंचे। कुछ देर बाद सिंगाही, तिकुनियां और निघासन के अलावा पढुआ, झंडी और ढखेरवा चौकी की फोर्स भी आकर बैठ गई। पुलिस वालों की तादाद देखकर इंस्पेक्टर डीके मिश्रा ने लेखपालों को थाने के ही अंदर खड़ी बाइकों के पास बैठा दिया। करीब डेढ़ बजे सीओ का अर्दली रूम समाप्त हुआ, जिसके बाद समाधान दिवस की कार्यवाही चालू हुई। कस्बा निवासी पार्वती ने बताया कि समाधान दिवस में वह शिकायत लेकर आई थीं, लेकिन पुलिस की मीटिंग के कारण वह थाने के बाहर खड़ी रहीं। उसके बाद वापस चली गई। गांव सुरजीपुरवा निवासी रामचंद्र, जगरानी, नीतू आदि ने बताया कि शिकायत करने के लिए आए थे। थाने के अंदर पहुंचते ही वर्दी पहने एक सिपाही ने बड़े साहब के पास जाने से मना कर दिया। काफी देर इंतजार करने के बाद लौट आए। दौलतापुर निवासी श्रीधर ने कांजी हाउस संबंधी एक तहरीर दी, जिसे पुलिस ने समाधान दिवस में दर्ज किया।
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मैंने समाधान दिवस में कोई बाधा नहीं पहुंचाई है। यह सच है कि फरियादी न होने के कारण अर्दली रूम कर लिया। इसलिए सभी को बुलाकर निरीक्षण किया गया है।
-सुधीर कुमार सिंह, सीओ निघासन

धरमापुर में रिकाउंटिंग के लिए कोर्ट में फाइल लगी थी। मामले की जानकारी नहीं है। यदि समाधान दिवस नहीं हुआ है, तो रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। 
-रामप्रकाश एसडीएम

नहीं आई एक भी शिकायत
खीरी टाउन। समाधान दिवस के मौके पर एक भी शिकायत नहीं आई। इससे सारा दिन नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार, लेखपाल थाना परिसर में धूप सेंकते रहे। एक लेखपाल की माने तो तहसील दिवस के मौके पर सैकड़ों लोग पहुंचते हैं, लेकिन पुलिस के भय से थाने पर कम ही लोग आना चाहते है। 
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